रैन बसेरों में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को लेकर समीक्षा बैठक सम्पन्न

बूंदी, 10 जनवरी।  राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश), बून्दी दिनेश कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को रैन बसेरों में उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं की समीक्षा एवं नवाचारों के संबंध में जिला मुख्यालय पर बैठक का आयोजन किया गया।


बैठक में  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि आश्रय स्ािलों में मौसम के अनुकूल सभी आवश्यक व्यवस्थाएं हो। पर्याप्त मात्रा में दरी, गद्दे, चादर तकिया, कम्बल रजाई आदि की उपलब्धता रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि रैन बसेरों में पीने योग्य पानी, सफाई एवं स्वच्छता, नहाने के लिए मौसम अनुकूल पानी की व्यवस्था, नियमित विद्युत आपूर्ति रहे।

उन्होंने निर्देश दिए कि आश्रय विहीन गरीब व असहाय व्यक्तियों के स्थाई एवं अस्थाई निवास के लिये कार्य योजना बनाकर ऐसे व्यक्तियों के खुले में रहने की मजबूरी, वजह की पहचान कर उसका हर सूरत में निराकरण किया जावे। उन्हें रोजगार, श्रमिक कार्ड, स्किल डेवलपमेंट के प्रोग्राम से जोड़ने के संबंध में  जिला उद्योग केन्द्र के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि नरेगा योजना में कार्य करने के इच्छुक व्यक्ति को योजना में कार्य उपलब्ध कराया जावे।

उन्होंने निर्देश दिए कि 10 जनवरी से 17 जनवरी के मध्य सायं 06 से 09 बजे तक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति की मुख्य भूमिका में आवश्यक पर्याप्त स्टाफ, पुलिस अधिकारी, बीट पुलिसकर्मी, पी.एल.वी., समाजसेवी एन.जी.ओ. आदि) का दल बनाकर संपूर्ण बूंदी जिले में खुले में रहने को मजबूर गरीब व असहाय व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें तत्काल निकटतम रैन बसेरों में रिहायश करने के लिए प्रेरित किया जावे। रैन बसेरों में किसी आधार कार्ड या अन्य किसी पहचान पत्र के माध्यम से प्रवेश की प्रक्रिया को यथा संभव शिथिल बनाई जाए, परन्तु उस व्यक्ति के द्वारा रात्रि गुजारे के संदर्भ में नाम पता, रूकने का कारण व अन्य जानकारी अवश्य ली जावे।

उन्होंने निर्देश दिए कि रैन बसेरे में यदि किसी व्यक्ति के साथ बच्चों का भी ठहराव है तो वहां विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन कर शिक्षा मुहैया कराई जाए। आश्रय स्थल में साफ सफाई की व्यवस्था को सुचारू रखा जावे। पर्याप्त मात्रा में बिस्तर यथा दरी, चादर, रजाई, गद्दे, तकिए तथा तापमान नियंत्रक / हीटर की उपलब्धता रहे और इसके लिए कोई भी शुल्क नहीं लिया जाए। वहीं पर उनको शौचालय एवं स्नान की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। आश्रय स्थल पर ठहरने वाले आश्रय विहीन व्यक्तियों के लिये यथा संभव निशुल्क या रियायती दरों पर नाश्ता, भोजन, बच्चों के लिये दूध तथा स्कूल में दाखिले की व्यवस्था हो। उन्होंने निर्देश दिए कि यह व्यवस्था नगर निकाय अपने स्तर से या किसी सामाजिक संस्था व भामाशाह के माध्यम से करवा सकती है।

उन्होंने निर्देश दिए कि रैन बसेरों/आश्रय स्थलों में महिलाओं और पुरूषों के लिए सोने की, स्नानघर/शौचालय की अलग-अलग व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। नहाने के लिये गर्म पानी,साबुन, डिटर्जेंट व्यवस्था हो। इसके अलावा जिन स्थानों रैन बसेरे संचालित हैं, उनका होर्डिंग माध्यम से प्रचार प्रसार भी करवाया जावे।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिला प्रशासन, पुलिस, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के हेल्पलाइन नं. का व्यापक प्रचार प्रसार हो। रैन बसेरों/आश्रय स्थलों पर नियमित रूप से निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किए जावे। इसके अलावा रैन बसेरों/आश्रय स्थलों पर नियुक्त केयर टेकर को व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के लिए पाबंद किया जावे। उन्होंने निर्देश दिए कि रैन बसेरों/आश्रय स्थलों की रात्रि में सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद रखने और होमगार्डस का नियोजन किया जावे। इस दौरान नवाचारों के बारे में जिले के समस्त अधिकारीगण से वार्ता कर कार्य योजना तैयार की गई।

बैठक में जिला कलक्टर अक्षय गोदारा, पुलिस अधीक्षक जय यादव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुमन गुप्ता, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सृष्टि चौधरी, अध्यक्ष किशोर न्याय बोर्ड डिंपल जंडेल, अतिरिक्त जिला कलेक्टर नीरज कुमार मीणा, नगर परिषद आयुक्त जोधाराम विश्नोई, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद राजपाल सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, ओ पी सामर, अतिरिक्त जिला कलेक्टर नीरज कुमार, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सीमा पोद्दार, जिला रोजगार अधिकारी भैरू प्रकाश नागर आदि मौजूद रहे। बूंदी जिले के सभी तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष बूंदी जिले के सभी वृताधिकारी एवं अन्य अधिकारीगणों भी वीसी के माध्यम से बैठक से जुड़ाव रहा।