जयपुर। राजस्थान के इतिहास की सबसे बडी भर्ती परीक्षा रीट को रद्द करने की याचिक फिर से दर्ज की गई है। पहले डबल बेंच ने इस याचिका को खारिज कर दिया था और अब सिंगल बेंच हाई कोर्ट में याचिका लगी है। राजस्थान हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में भागचंद शर्मा की ओर से अब सिविल रिट लगाई गई है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि रीट भर्ती परीक्षा की जांच की जाये और जांच होने तक इसका परीणाम जारी नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा परीक्षा कैंसिल करने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने पहले से चल रहे मधु कुमारी नागर बनाम राजस्थान और अन्य केस के साथ ही 27 अक्टूबर को इस केस की अगली सुनवाई तय की है।
सोमवार को हाईकोर्ट के जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल की कोर्ट में इस सिविल रिट पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट दिनेश कुमार गर्ग और दीपक कुमार कैन ने पैरवी की। जबकि एएसजी एमएस सिंघवी, दक्ष पारीक ने राज्य सरकार और विज्ञान शाह ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से पक्ष रखा।
उपेन यादव का धरना जारी
दूसरी तरफ बेरोजगार संघ के अध्यक्ष उपने यादव के साथ अभी भी कईं बेरोजगार धरने पर बैठे हुए है। छात्र संघ अध्यक्ष का कहना है कि रीट की परीक्षा में धांधलीबाजी हुई है। पेपर कहां से लीक हुआ और इसमें कौन कौन लोग शामिल हैं उनका खुलासा किया जाये। साथ ही रीट परीक्षा की जांच सीबीआई को सौंपी जाये। इसके अलावा नकल पर लगाम लगााने के लिए कानून को जल्दी लागू किया जाये।