पंजशीर में तालिबान का हमला, विरोधियों ने 34 तालीबान लड़ाकों को मौत के घाट उतारा

जयपुर। तालिबान ने भले ही अब अफगानिस्तान का शासन पूरी तरह अपने हाथों में ले लिया हो लेकिन पंजशीर घाटी में अभी भी ​तालीबा विरोधियों के ​कब्जे में हैं। कल तालिबान ने बुधवार को पंजशीर घाटी में अपने लड़ाकों से हमला करवाया लेकिन विरोधियों ने इसका करारा जबाव दिया और 34 तालीबानी के मरने की खबर है, वहीं, 70 से ज्यादा घायल होने का दावा किया जा रहा है।

बता दें कि पंजशीर घाटी बर्फ से ढकी चोटियों और ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी घाटी - जो राजधानी काबुल से लगभग 80 किलोमीटर उत्तर में है और यह तालिबान विरोधी सशस्त्र बलों की अफगानिस्तान की सबसे महत्वपूर्ण जेब का केंद्र है। इनमें राष्ट्रीय प्रतिरोध मोर्चा (एनआरएफ) के तालिबान विरोधी लड़ाके और पूर्व अफगान सुरक्षा बल शामिल हैं। इन्होंने इस एन्क्लेव की रक्षा करने की कसम खाई है, और कहा है कि पंजीशर इस तरह घुटने नहीं टेकेगा।
वहीं, तालिबान के वरिष्ठ अधिकारी आमिर खान मुत्ताकी ने ट्विटर पर पोस्ट किए गए पंजशीर के लोगों को एक ऑडियो संदेश में कहा, "मेरे भाइयों, हमने बातचीत और बातचीत के साथ पंजशीर समस्या को हल करने की पूरी कोशिश की … लेकिन दुर्भाग्य से सब व्यर्थ है।" इसलिए अब जब वार्ता विफल हो गई है और मुजाहिद्दीन (तालिबान) ने पंजशीर को घेर लिया है, तो अभी भी अंदर ऐसे लोग हैं जो नहीं चाहते कि समस्याओं का शांति से समाधान हो।"
वहीं, पिछले महीने सरकार गिरने से पहले अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री बिस्मिल्लाह मोहम्मदी ने बुधवार को ट्वीट किया और कहा कि "कल रात तालिबान आतंकवादियों ने पंजशीर पर हमला किया, लेकिन हमने उनको हरा दिया और दावा किया गया कि 34 तालिबान मारे गए और 65 घायल हो गए।