यपुर। काबुल एयरपोर्ट पर हताशा और अराजकता का माहौल बना हुआ है। ब्रिटिश सेना का कहना है कि काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास भीड़ में सात अफगान नागरिक मारे गए हैं। ये लोग अफगानिस्तान छोडकर जा रहे थे। इससे पहले काबुल एयरपोर्ट पर दर्जनों लोग भगदड में मारे जा चुके हैं। सोशल मीडिया पर कई। वीडियो वायलर हो रहे हैं जो एयरपोर्ट पर अराजकता और हताशा के माहौल को बयां करते हैं। लोग अफगानिस्तान छोडकर जाना चाहते हैं और इसी जदोहद में अपनी जान गंवा रहे हैं।
वहीं भारत ने रविवार को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से भारतीय वायुसेना के एक सैन्य परिवहन विमान में 107 भारतीयों सहित 107 भारतीयों सहित 168 लोगों को निकाला। इसके अलावा 87 भारतीयों ग्रुप को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे से दिल्ली पहुंचे और 135 भारतीयों का एक समूह जो दोहा से दिल्ली पहुंचे। दोनों ग्रुप्स को शनिवार को काबुल हवाईअड्डे से निकाला गया।
वहीं लगभग 72 अफगान सिखों और हिंदुओं, जिनमें अल्पसंख्यक समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले संसद के दो सदस्य शामिल थे, को तालिबान ने भारतीय वायुसेना के एक विमान में चढ़ने से रोक दिया। तालीबान ने कहा कि ये अफगानिस्तानी हैं और देश छोड़कर नहीं जा सकते है। इसलिए काबुल हवाई अड्डे से लौट आए।
दूसरी तरफ तालिबान प्रांतीय बैठकों का आयोजन कर रहें जिसका उद्देश्य सुरक्षा, सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया गया है। तालिबान कमांडर अफगानिस्तान के 34 प्रांतों में से 20 से अधिक में पूर्व राज्यपालों और नौकरशाहों से अगले कुछ दिनों में मिलने के लिए तैयार हैं ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और सहयोग मांगा जा सके।