जयपुर। भले ही तालिबान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल सहित अन्य क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया हो राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर चले गए हों लेकिन अभी भी अफगानिस्तान में एक जगह ऐसी है जो तालिबान को खुली चुनौती दे रहा है। और इस जगह का नाम है— पंजशीर घाटी।
पंजशीर घाटी से अहमद मसूद ने तालिबान को ललकार लगाई है कि वे इस तरह से घुटने नहीं टेकेंगे। उन्होंने कहा है कि तालिबान को चुनौती दी जायेगी। बता दें कि अहमद मसूद के पिता अहमद शाह को पंजशीर घाटी के शेर के नाम से जाना जाता था। अहमद मसूद ने कहा है कि उनके पिता जानते थे कि अफगानिस्तान में एक दिन ऐसा आयेगा और इसी दिनों के लिए उनहोंने हथियार जमा किये थे। आज उन हथियारों से ही हम तालिबान को कड़ी चुनौती देंगे। मसूद ने लिखा है कि तालिबान के नेता अगर हमला करते हैं तो उन्हें जंग में उतरना पड़ेगा।
वहीं, देश के बड़े नेता जैसे राष्ट्रपति अशफर गनी, विदेश मंत्री आदि के अफगानिस्तान से पलायान के बाद देश के सबसे बड़े नेता की गैरमौजूदगी में तालिबान का सामना करने के उत्तरी गठबंधन (Northern Alliance) एक बार फिर सामने आता दिख रहा है। अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने जंग जारी रहने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि जब किसी देश के राष्ट्रपति देश छोडकर भाग जायें या अन्य कारणों से राष्ट्रपति के कार्यों का निर्वहन नहीं कर सकते हैं तो उपराष्ट्रपति को राष्ट्रपति के काम करने की शक्ति प्रदान होती है। अत: अब से वे राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेंगे। और अफगानिस्तान की जंग तालिबान के खिलाफ जारी रहेगी।