Russia-Ukraine War : अमेरिका-जर्मनी व ब्रिटेन के बाद अब पोलैंड और बेल्जियम देंगे यूक्रेन को भारी मदद - "तीसरे विश्व युद्ध" की आहट तेज

लगभग ग्यारह महीनों के बाद, रूस-यूक्रेन संघर्ष तेजी से "तीसरे विश्व युद्ध" के करीब स्थानांतरित हो रहा है। अमेरिका, जर्मनी और ब्रिटेन के बाद अब पोलैंड और बेल्जियम भी यूक्रेन की जंग में एकाएक कूद पड़े हैं। इसके चलते संघर्ष लगातार उग्र से उग्र होता जा रहा है। जबकि इस महीने रूस लगभग यूक्रेन पर हावी हो चुका था। रूसी आक्रमण से पहले यूक्रेनी सेनाएं चरमरा रही थीं। यूक्रेन के पास टैंकों और युद्धक तोपों की भारी कमी थी और यहीं पुतिन ने जल्द ही यूक्रेन पर जीत का ऐलान भी कर दिया था। लेकिन यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के माध्यम से एक अपील ने न केवल यूरोपीय संघ को एकजुट किया, बल्कि इसे यूक्रेन का खुलकर समर्थन करने के लिए मजबूर भी किया। टैंकों और सैन्य तंत्र की बड़ी मदद मिलने के बाद यूक्रेन फिर से युद्ध में लौट आया है।

संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद, जर्मनी, फ्रांस और यूके, पोलैंड और बेल्जियम ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन की धमकियों को नजरअंदाज करते हुए तुरंत यूक्रेन संघर्ष में कूद गए। जबकि पुतिन की ओर से इस बात की पूरी संभावना है कि रूस यूक्रेन को जोखिम भरी बंदूकें और घातक टैंक और लड़ाके देने वाले अंतरराष्ट्रीय ठिकानों को खराब कर सकता है। लेकिन यूरोपीय संघ द्वारा पुतिन की धमकियों को नज़रअंदाज़ करके दिखाई गई एकता और दृढ़ता ने तीसरे अंतरराष्ट्रीय संघर्ष के खतरे को बढ़ा दिया है।अब रूस यूरोपीय संघ समेत अमेरिका को जवाब देने के लिए परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर बाध्य हो सकता है। इससे दुनिया तबाह हो सकती है।

अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस के बाद अब पोलैंड और बेल्जियम ने यूक्रेन को प्रमुख सुरक्षा और सैन्य मदद देने का ऐलान किया है। पोलैंड ने यूक्रेन को 60 आधुनिक टैंक देने की घोषणा की है। इसी समय, बेल्जियम ने यूक्रेन को लगभग 100 मिलियन डॉलर मूल्य की सैन्य प्रणाली प्रदान करने की घोषणा की है। यह यूक्रेन को दिया गया अब तक का सबसे महत्वपूर्ण नौसैनिक उपयोगी संसाधन है। इससे पहले जर्मनी 14 लेपर्ड-2 टैंक, अमेरिका 30 अब्राम टैंक, ब्रिटेन करीब 30 अनोखे टैंक और फ्रांस फाइटर जेट पेश करने की घोषणा कर चुका है। ऐसी ही एक स्थिति में यूक्रेन के करीब टैंकों और नेवी सिस्टम के तबाह होने की चीख-पुकार लगभग खत्म हो गई है। इस हफ्ते जर्मनी और अमेरिका और ब्रिटेन ने यूक्रेन को अपने टैंक भेजने का वादा किया है। इसके बाद यूक्रेन जंग में रूस का और मजबूती से मुकाबला कर पाएगा।

यूरोपीय संघ और अमेरिका की ओर से यूक्रेन को घातक हथियारों की आपूर्ति को रूस ने सीधे युद्ध में एंट्री माना है। इसलिए पुतिन ने अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, पोलैंड और बेल्जियम समेत अन्य यूरोपीय देशों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है। रूस ने कहा है कि वह इनमें से कुछ टैंकों और हथियारों को नष्ट कर देगा। साथ ही यूक्रेन को इन खतरनाक हथियारों को देने वाले देशों से भी हिसाब लेगा। रूस ने निस्संदेह कहा है कि वह यूक्रेन को अनुमति देने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगा। विदेश मामलों के जानकारों को भी अब आशंका है कि यूरोपीय संघ और अमेरिका के उक्त कदमों के बाद दुनिया तीसरे विश्व युद्ध में लगभग एंट्री कर गई है।

यूक्रेन तक टैंकों और घातक तोपों की डिलीवरी तक रूस ने कीव सहित अन्य क्षेत्रों में भीषण हमले जारी रखे हैं। डोनेट्स्क क्षेत्र के गवर्नर पाव्लो किरिलेंको के अनुसार, रूसी सेना ने शुक्रवार को पूर्व में शहरों पर गोलाबारी जारी रखी। बखमुत के पश्चिम में चासिव यार शहर में शुक्रवार सुबह डेढ़ घंटे से अधिक समय तक गोलाबारी हुई, जिसमें लोगों की मौत हो गई और पांच घायल हो गए। रूस के इस हमले में 10 घर क्षतिग्रस्त हो गए थे। वहीं, रूस भी यूक्रेन की पूर्वी सीमा पर जमकर फायरिंग कर रहा है।