भगवान श्री राम का मंदिर 6 दिसंबर को आजाद हुआ़ था, यह दिन शौर्य दिवस है, उस दिन सभी कृष्ण भक्तों द्वारा दीप जलाकर शौर्य दिवस मनाया जायेगा, जल्द ही भगवान श्री कृष्ण का मंदिर भी आजाद होगा - दिनेश शर्मा

भरतपुर, मथुरा श्री कृष्ण जन्म भूमि संघर्ष न्यास के द्वारा एक पत्रकार वार्ता का आयोजन मोती मंजिल के स्थानीय गेस्ट हाउस में किया गया जिसमें 6 दिसंबर शौर्य दिवस के अवसर पर दीपदान का ऐलान किया गया । संघर्ष न्यास के अध्यक्ष एवं श्री कृष्ण जन्म भूमि क केस के मुख्य वादी दिनेश शर्मा ने कहा कि हिंदूवादी सभी कार्यकर्ता 6 दिसंबर को श्री कृष्ण जन्म स्थान जो मूल गर्भ ग्रह पर  लाखों दीपकों से दीपदान करेंगे ।हिंदूवादी सरकार सनातनियों का स्वाभिमान बरकरार रखने के लिए तत्काल व्यवस्था करें । प्रशासन हमारा सहयोग करें क्योंकि संपूर्ण परिसर हिंदुओं का है । उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का प्रशासन ने यदि व्यवधान डाला तो प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा । हम हर हालत में मूल गर्भ ग्रह पर दीपदान करेंगे । दिनेश शर्मा ने कहा कि भगवान श्री राम का मंदिर 6 दिसम्बर को आज़ाद हुआ था। 6 दिसंबर हमारे लिए शोर्य दिवस है, श्री कृष्ण जन्मभूमि का केस न्यायालय में चल रहा है । हम सभी कोबहुत उम्मीद है कि जल्द ही भगवान श्री कृष्ण का मंदिर भी आजाद होगा । दिनेश शर्मा ने कहा कि 6 दिसंबर को सभी कृष्ण भक्तों द्वारा दीप जलाकर शोर्य दिवस मनाया जायेगा । राष्ट्रीय महामंत्री एवं कार्यक्रम प्रभारी कन्हैया लाल बृजवासी ने कहा कि मुगल आक्रांताओं ने जबरन इमारत बनाकर विवाद पैदा किया ।अब हिंदूवादी सरकार है । हमें दीपदान का अवसर मिलना चाहिए । संपूर्ण भारतवर्ष से भारी संख्या में हिंदू जनमानस 6 दिसंबर को मथुरा आ रहा है, वह मूल गर्भ ग्रह पर ही दीपदान करेगा । इसमें दिवाकर सिंह राजपूत प्रदेश संयोजक, डॉ हरीश चंद जिला अध्यक्ष मथुरा, श्रीमती संगीता सारस्वत प्रदेश मंत्री, श्रीमती सुजाता सिंह वरिष्ठ प्रदेश मंत्री, पदाधिकारी मौजूद रहे ।



जीवन विज्ञान जीवन जीने की कला सिखाता है। स्वस्थ समाज रचना के लिए स्वस्थ एवं संतुलित व्यक्तित्व के निर्माण की अपेक्षा है। व्यक्तित्व की समग्रता केवल बौद्धिक विकास में नहीं है, जबकि वर्तमान शिक्षा प्रणाली में सर्वाधिक बल इसी पर दिया जा रहा है समग्र विकास के लिए शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक भी आवश्यक है। जीवन विज्ञान बौद्धिक ज्ञान की उपेक्षा नहीं करता परंतु इसके साथ व्यक्तित्व विकास के अन्य आयामो पर भी पर्याप्त बल देने की बात करता है। यह वर्तमान शिक्षा प्रणाली के पूरक के रूप में जुड़कर व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास का स्वास्थ मार्ग प्रशस्त करता है ।अतः शिक्षा की संपूर्णता के लिए यह आवश्यक है कि शिक्षा में जीवन विज्ञान का समावेश हो इसी कड़ी में भरतपुर  ट्रेनर वंदना शर्मा ने महाप्राण ध्वनि, लघु-कायोत्सर्ग, दीर्घश्वास प्रेक्षा, ज्ञान केंद्र प्रेक्षा व संकल्प आदि का प्रयोग करवा कर उपस्थित जनो को लाभों से अवगत कराया और कहा कि जीवन का विज्ञान प्राण शक्ति का संतुलन, जैविक संतुलन की स्थापना,  व्यक्ति की क्षमताओं में विश्वास जगाना एवं शोधन है इसका आमजन को जीवन में अधिकाधिक लाभ लेना चाहिए । इस कार्यक्रम में जीवन जीने के प्रयोग करते समय उपस्थितजनो का उत्साह देखने लायक था । कराये गए जीवन जीने के प्रयोग से काफी सकारातमक प्रयोग रहे  साथ ही उपस्थितजनो ने जीवन में प्रयोग अपनाने का सकल्प लिया ।

इस अवसर पर समाजसेवी सुरेश शर्मा, जनसेवक शुभनेश पारशर, फ्यूचर पॉइंट निर्देशक पवन पाराशर, अनुपम निर्देशिका, नेहा सिंघल, व्यवसायी  दिनेश अनुपम गवाह आदि का सहयोग रहा साथ ऋषि शर्मा,अर्थ बंसल, आकाश श्रीवास्तव, योगिता राजपूत, डोली शर्मा, कनक प्रजापति, तस्वीर कौर, अंकुर श्रीवास्तव, गोविंद सिंह, वर्षा खंडेलवाल, आदया शर्मा, कोमल सोनी, चिराग शर्मा, सोनिया, हर्षित शर्मा, चेष्टा शर्मा, आकाश भारद्वाज, योगेश राजपूत, हेमंत शर्मा, अभिषेक जैन, कृष्णा खंडेलवाल, प्रतीक जैन, उमेश सिंह, कोमल सिंह, मनीषा सैनी, सोनिया कुमारी, बंटी सिंह, बबलू सिंह, प्रशांत सिंह आदि गवाह बने ।