कोरोना से जीत के लिए बूस्टर डोज का कवच जरूरी
-मोशन की ओर से बूस्टर डोज टीकाकरण शिविर
कोटा।
संवाददाता शिवकुमार शर्मा
कोटा राजस्थान
कोरोना संक्रमण फिर से उभरने के आसार हैं। इससे बचने के लिए वैक्सीन की बूस्टर डोज ही कारगर साबित होगी। ऐसे में जिन लोगों ने छह माह पहले वैक्सीन की दूसरी डोज लगवा ली है, उन्हें अब वैक्सीन की तीसरी बूस्टर डोज लेना जरूरी हो गया है। प्रशासन की ओर से जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों व अन्य स्थानों पर शिविर लगाकर बूस्टर डोज का मुफ्त टीका लगवाने के इंतजाम किए गए हैं। ऐसे में 18 से 59 साल के आयु वर्ग के लोगों को इसमें बढ़चढ़ कर हिस्सेदारी करना चाहिए। यह आह्वान मोशन एजुकेशन के सीईओ नितिन विजय ने किया। गुरुवार को मोशन की ओर से आयोजित बूस्टर डोज टीकाकरण शिविर का शुभारंभ कर रहे थे।
इस मौके पर विजय ने कहा कि कोरोना संक्रमण के खिलाफ जंग में वैक्सीन की खुराक बहुत ही कारगर साबित हुई है। वैक्सीन के सकारात्मक असर के कारण ही संक्रमण की तीसरी लहर में बहुत ही कम लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। वैक्सीन की दूसरी खुराक का असर छह माह बाद कम होने लगता है। ऐसे में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए बूस्टर डोज का लेना जरूरी हो जाता है। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसके लिए विशेष अभियान चलाकर मुफ्त बूस्टर डोज लगवाने का कार्य किया जा रहा है।
सभी ने उत्साह के साथ लगवाया टीका
युवाओं को बूस्टर डोज लगाने की शुरुआत वैसे तो दस अप्रैल से एक निश्चित धनराशि देकर निजी अस्पतालों में हुई थी। लेकिन अस्पताल संचालकों की शिथिलता व युवाओं की उदासीनता के कारण बूस्टर डोज लगवाने को लेकर लोगों में उत्साह नजर नहीं आया। इसके दृष्टिगत ही 18 से 59 आयु वर्ग के लोगों को सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त बूस्टर डोज लगवाने के इंतजाम शासन ने 15 जुलाई से शुरू किए हैं। गुरुवार को मोशन एजुकेशन के डिजिटल कैम्पस में बूस्टर डोज लगवाने के शिविर का शुभारंभ करने के बाद वैक्सीन लगवाने को लेकर पूरा उत्साह दिखा।
संक्रमण से खिलाफ जंग में बूस्टर डोज को लेकर उत्साहित मोशनाइटस का कहना है कि इससे कोरोना संक्रमण से रक्षा के साथ ही पूरी सुरक्षा भी मिलेगी।