10 IAS का ट्रांसफर : खाटूश्याम हादसे के बाद सीकर के जिला कलेक्टर का किया गया ट्रांसफर

सीकर: राजस्थान के गहलोत प्रशासन ने खाटूश्यामी मामले में सीकर जिला कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी को लापरवाही के आरोप में ट्रांसफर कर दिया है। इसके साथ ही 10 आईएएस अधिकारियों का भी तबादला कर दिया गया है। अमित यादव को सीकर का नया सभासद बनाया गया है।

चतुर्वेदी को सीकर जिला कलेक्टर से संयुक्त सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और मिशन निदेशक, जल जीवन मिशन, जयपुर में स्थानांतरित किया गया है। राजेंद्र सिंह काविया आईएएस आयुक्त नगर निगम जोधपुर उत्तर को अतिरिक्त आदेश तक एपीओ बनाया गया है। साथ ही एपीओ चलाने वाले भारतीय डाक सेवा के प्रतीक झाझरिया को भी वेतन भुगतान के आरोप में स्थानांतरित कर दिया गया है।

आईएएस अजिताभ वर्तमान में जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड, जयपुर के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य करेंगे। आईएएस रोहित गुप्ता को शासन सचिव वित्त विभाग बजट, आईएएस सुधीर कुमार शर्मा को मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जयपुर, आईएएस कुमारी रेणु जयपाल को प्रबंध निदेशक राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम जयपुर, आईएएस पुष्पा सैनी को आयुक्त बनाया गया है।

महिला अधिकारिता विभाग, पंचायती राज जयपुर, आईएएस पुखराज सेन कार्यकारी निदेशक राजस्थान शहरी पेयजल सीवरेज निगम लिमिटेड जयपुर, आईएएस मुकुल शर्मा निदेशक नागर विमानन जयपुर, आईएएस अमित यादव जिला कलेक्टर, जिलाधिकारी सीकर, आईएएस अतुल प्रकाश आयुक्त नगर निगम जोधपुर उत्तर, जबकि एपीओ भुगतान के आरोप में चल रहा है। भारतीय डाक सेवा के पूर्व अधिकारी आईएएस प्रतीक जजदिया को राजस्थान स्टेट वीवर्स एसोसिएशन लिमिटेड, जयपुर का प्रबंध निदेशक लगाया गया है।

गौरतलब है कि 9 अगस्त 2022 को राजस्थान के सीकर क्षेत्र के खाटूश्याम मंदिर में मची भगदड़ में 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। जबकि कई लोग घायल हो गए थे। राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए संभागीय दंडाधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा था. दरअसल, इससे पहले ही संभाग प्रमुख ने जांच को सार्वजनिक प्राधिकरण को सौंप दिया, राज्य सरकार ने सीकर के क्षेत्र संग्राहक को स्थानांतरित कर दिया।

इससे पहले लोक प्राधिकरण ने डीएसपी और एसडीएम को सस्पेंड कर दिया था। सीएम गहलोत ने प्रकरण की गंभीरता से समझ लेते हुए एक संक्षिप्त कदम उठाते हुए एसडीएम को सस्पेंड कर दिया। पुलिस ने मंदिर प्रबंधन समिति को भी इस मामले क्लीन चिट नहीं दी है।