जयपुर। अफगानिस्तान पर पूरी तरह काबिज होने के बाद तालिबान देश दूनिया को अफगानिस्तान में शांति बनाने की बात कह रहा है। काबुल में अपने पहले आधिकारिक समाचार सम्मेलन में, तालिबान ने महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करने, अन्य देशों के साथ अच्छे संबंधों की तलाश करने और अफगान सेना के पूर्व सदस्यों पर प्रतिशोध नहीं लेने का वादा किया है। वहीं अब तालीबान ने भारत से कहा है कि वे अफगानिस्तान में अपनी योजनाओं को पूरा करें हम भारत का स्वागत करते हैं। बता दें कि अफगानिस्तान में भारत की कईं परियोजनाऐं अधूरी पड़ी हैं। तालिबान द्वारा कब्जा किये जाने के बाद भारत की इन परियोजनाओं पर संकट के बादल मंडराये हुए हैं।
हालांकि, तालिबान इस योजनाओं को पूरी करने में भारत की मदद करने की बात कह रहा है। एक प्रमुख दक्षिण एशियाई रणनीतिक विशेषज्ञ का कहना है कि पाकिस्तान और चीन के साथ तालिबान के अफगानिस्तान के अधिग्रहण में भारत सबसे खराब स्थिति में है।
अफगानिस्तान की स्थिति को लेकर दुनियाभर के देश अपनी प्रतिक्रियाऐं दे रहे हैं।
पाकिस्तान के पीएम खान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफगान लोगों को आर्थिक रूप से समर्थन देने के लिए लगे रहने का आग्रह किया है। इमरान ने अपील की है कि अफगानिस्तान से बहार जा रहे लोगों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय रहने और खाने की सुविधा उपलब्ध करवाये। इस दौरान पाक पीएम इमरान खान ने अफगान स्थिति पर यूके, डेनिश समकक्षों के साथ बातचीत की है। वहीं, जापान ने कहा है कि हम अफगानिस्तान में नागरिकों की सुरक्षा चाहते हैं।