’’बंदियों के विधिक अधिकार सुनिश्चित करने हेतु न्यायाधीश ने बंदियों से की वार्ता’’

राजसमन्द। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) मनीष कुमार वैष्णव, द्वारा जिला कारागृह का दिनांक 12.01.2024 को समय 01ः05  पीएम पर औचक निरीक्षण कर बंदियों के विधिक अधिकार सुनिश्चित करने के लिए बंदियों से वार्ता की गई।


कारागृह में नवीन प्रवेशित बंदियों से वार्ता कर उनके प्रकरण में अधिवक्ता नियुक्त होने अथवा नहीं होने के संबंध में जानकारी प्राप्त की साथ उनके प्रकरण में जमानत का आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया है या नहीं इसकी जानकारी प्राप्त करते हुए ऐसे बंदी जिनके प्रकरण में अधिवक्ता नियुक्त नहीं है उनके निःशुल्क विधिक सहायता के आवेदन पत्र भरवाने के लिए निर्देशित किया गया।
   
न्यायाधीश ने बंदियों से वार्ता करने के अलावा कारागृह का बारीकी से निरीक्षण कर बैरकों की जांच की, गत निरीक्षण में दिए गए निर्देशों की अनुपालना में चिकित्सक की नियुक्ति नहीं की गई है तथा मेल नर्स भी अनुपस्थित मिले। चिकित्सक एवं मेल नर्स की नियमानुसार निर्धारित घंटों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। बंदियों के लिए उपलब्ध करायी गयी सब्जी की गुणवत्ता की जांच की गयी जो संतोषजनक पायी गयी।

कारागृह में सभी बंदी स्वस्थ हैं। कारागृह में रिपेयरिंग का कार्य चल रहा है। सीसीटीवी कैमरे कार्यशील अवस्था में नहीं है, अविलम्ब दुरूस्त करवाने के निर्देश दिए। नवीन प्रवेशित बंदियों से संवाद किया गया उन्होंने किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होने तथा भोजन व्यवस्था के प्रति संतोष व्यक्त किया। कारागृह में एक व्यक्ति सिविल कारागृह भोग रहा है, नियमानुसार सिफ्टिंग की कार्यवाही के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के समय राजूराम कारापाल उपस्थित रहे व निरीक्षण में सहयोग किया।