जयपुर। नीट परीक्षा में पास होने के मानसिक दबाव ने एक और छात्र की जान ले ली। घटना तमिलनाडु के सलेम जिले के कुलैयूर गांव की है। छात्र धनुष जो कि 20 वर्ष का था। और वह नीट प्री-मेडिकल प्रवेश परीक्षा में तीसरी बार उपस्थित होने वाला था। लेकिन इससे पहले ही फेल होने के डर से आत्महत्या कर ली। इससे पहले धनुष दो बार नीट की परीक्षा दे चुका है। और दोनों बार नीट की परीक्षा पास नहीं कर पाया। करुमलाई कूडल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रविवार दोपहर को मेट्टूर बांध स्थित शासकीय मुख्यालय अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद धनुष के शव को उसके परिवार को सौंप दिया गया।
धनुष के चाचा ने बताया कि धनुष को देर रात तक परीक्षा के लिए पढ़ते देखा गया। घर में सभी के सोने के बाद आधी रात के करीब उसने अपनी जान ले ली। धनुष की मां रेवती, जो रविवार को सुबह 4 बजे उठी, ने उसे अपने कमरे में मृत पाया।
धनूष के चाचा वैथीस्वरन ने कहा, "मैं सरकार से परीक्षा के कारण इस तरह की मौतों को रोकने और नीट परीक्षा को रद्द करने के लिए कदम उठाने का आग्रह करता हूं।
धनुष के भाई निशनाथ ने कहा कि धनुष ने कक्षा 10 में 500 में से 457 अंक प्राप्त किए थे और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में भी अच्छे अंक प्राप्त किए थे। हालांकि, एनईईटी परीक्षा में दो बार असफल होने से उन पर गहरा असर पड़ा। धनुष ने तीसरी बार परीक्षा पास करने के लिए कड़ी मेहनत की। उसने परीक्षा में असफल होने के डर ने उसे अपने ऊपर ले लिया। धनुष के भाई ने कहा कि हम इस तरह की परीक्षाओं के कारण अधिक छात्रों की मृत्यु नहीं कर सकते। सरकार को त्वरित कदम उठाने चाहिए।