विपक्षी गठबंध INDIA के 21 नेता मणिपुर राज्यपाल से मिले, बोले राज्य में कानून व्यवस्था पुरी तरह खत्म
जयपुर। मणिपुर पिछले लगभग 3 महिने से जल रहा है और हिंसा जारी है। कई लोग इसमें अपनी जान गंवा चुके हैं। मणिपुर राज्य की स्थिति का आकलन करने के लिए विपक्षी गठबंधन इंडिया के 21 सदस्यीय सांसद दल ने मणिपुर का दौरा किया और आज मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात की और उनसे अपना अनुभव साझा किया।
राज्यपाल उइके को सौंपे गए एक ज्ञापन में, उन्होंने उनसे राज्य में शांति और सद्भाव बहाल करने का अनुरोध कियौ
सौंपे गये ज्ञापन में उन्होनें कहा कि "शांति और सद्भाव लाने के लिए, प्रभावित व्यक्तियों का पुनर्वास और पुनर्वास अत्यंत जरूरी है। आपसे यह भी अनुरोध है कि आप पिछले 89 दिनों से मणिपुर में कानून और व्यवस्था के पूरी तरह से खराब होने के बारे में केंद्र सरकार को अवगत कराएं ताकि उन्हें सक्षम बनाया जा सके। मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए अनिश्चित स्थिति में हस्तक्षेप करें,”
उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने चुराचांदपुर, मोइरांग और इंफाल में राहत शिविरों का दौरा किया और राहत शिविरों में पीड़ितों/कैदियों से बातचीत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी "मणिपुर में हिंसा के प्रति उनकी निर्लज्ज उदासीनता" को दर्शाती है।
विपक्षी दल के समूह ने कहा कि "दोनों समुदायों के लोगों के जीवन और संपत्तियों की रक्षा करने में केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही पुरी तरह से विफल रही हैं। राज्य में 140 से अधिक मौतों, 500 से अधिक घायल और 5,000 से अधिक घरों के जलने के आंकडों से स्पष्ट है कि राज्य और केंद्र सरकार स्थिती को संभालने में नाकाम रही हैं।
राज्यपाल को दिए गए विपक्ष के ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पिछले कुछ दिनों में लगातार गोलीबारी और घरों में आगजनी की रिपोर्टें "संदेह से परे" स्थापित करती हैं, कि राज्य मशीनरी पिछले लगभग तीन महीनों से स्थिति को नियंत्रित करने में पूरी तरह से विफल रही है।