रास्ते में रोककर नाबालिग छात्रा के साथ ज्यादति का प्रयास करने के आरोपी को 3 वर्ष का कठोर कारावास
बारां 22 सितम्बर। न्यायालय विशिष्ठ न्यायाधीश लैंगिग अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 तथा बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 संख्या-1 के विशेष न्यायाधीश हनुमान प्रसाद ने नाबालिग छात्रा को रास्ते में रोककर ज्यादति का प्रयास करने के 3 साल पुराने मामले का निस्तारण करते हुए शुक्रवार को आरोपी को 3 साल के कठोर कारावास एवं 5 हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
विशिष्ट लोक अभियोजक पोक्सो क्रम नं. 1 घांसीलाल वर्मा ने बताया कि 8 मार्च 2020 को 17 वर्षीय पीड़िता ने अपने पिता के साथ सारथल पुलिस थाने में तहरीरी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने उल्लेख किया था कि वह गांव के ही एक निजी स्कूल में कक्षा 11वीं में पढ़ती है। उसके मकान के पास ही आरोपी जीतराज उर्फ भूरिया का मकान है। जो उस पर गलत निगाह रखता है। वह स्कूल में लंच होने पर 6 मार्च 2020 को सुबह 10.30 बजे घर पर खाना खाने आई थी। वापसी में गली से गुजरते समय आरोपी जीतराज मिला, जिसने पीड़िता का हाथ पकड़ लिया और तथा पास में ही करीम मुसलमान के मकान में ले गया। जहां कमरे की कुंदी बंद कर उससे छेड़छाड़ करते हुए ज्यादति का प्रयास करने लगा। इस दौरान पीड़िता के पिता वहां पहुंच गए। जिन्हें देखकर आरोपी वहां से भाग गया। रिपोर्ट में पीड़िता ने बताया कि 8 मार्च 2020 को उसके राखीबंद भाई से आरोपी जीतराज मिला। जिससे उसने कहा कि कल तो पीड़िता के पिता ने उसको बचा लिया। अब वह उसको भगा कर ले जाएगा तथा उसके पिता को चाकू मारेगा।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 341, 342, 354 व 7/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 में मामला दर्ज कर अनुसंधान किया। आरोप प्रमाणित पाए जाने पर कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया। जहां जिला न्यायाधीश हनुमान प्रसाद ने आरोप सिद्ध होने पर आरोपी जीतराज उर्फ भूरिया 27 वर्ष पुत्र छीतरलाल निवासी सारथल को 3 वर्ष का कठोर कारावास व 5 हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अदम अदायगी अर्थदंड पर अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास पृथक से भुगतना होगा। आरोपी द्वारा पूर्व पुलिस व न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि नियमानुसार दी गई मूल सजा में से समायोजित कर दी जाएगी। वहीं कोर्ट ने पीड़िता को प्रतिकर दिलाने की अनुशंषा नहीं है। क्योंकि इस प्रकरण में अभियोजन साक्ष्य में पीड़िता द्वारा आरोपी से विवाह कर लिए जाने की बात सामने आई है।