कांग्रेस और भाजपा के 40 पदाधिकारियों एकनाथ शिंदे के शिवसेना गुट में हुए शामिल

जयपुर। महाराष्ट्र के लातूर से भाजपा और कांग्रेस के चालीस पदाधिकारी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली बालासाहेबंची शिवसेना में शामिल हो गए हैं, जो मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले धड़े के एक जिला पदाधिकारी हैं। शिंदे रविवार को मुंबई में एक कार्यक्रम में मौजूद थे, जब वे उनकी पार्टी में शामिल हुए थे। जिन लोगों को शामिल किया गया है उनमें लातूर के पूर्व तहसील अध्यक्ष बालाजी अडसुल, पूर्व जिला परिषद सदस्य राजकुमार कलामे और पूर्व पार्षद प्रकाश पाटिल वंजारखेड़कर शामिल हैं।

अडसुल ने कहा, "हमने भाजपा को मजबूत करने के लिए कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के खिलाफ काम किया, लेकिन आज दृश्य अलग है।"

गौरतलब है कि एकनाथ शिंदे की पार्टी से बगाबत के बाद शिवसेना दो गुटों में विभाजित हो गई थी। एक उद्धव ठाकरे गुट और दूसरा एकनाथ शिंदे गुट। शिंदे गुट ने भाजपा के साथ गठबंधन करके महाराष्ट्र में अपनी सरकार भी बना ली और एकनाथ मुख्यमंत्री बन गये। लेकिन पार्टी का असली हकदार कौन सा गुट होगा इस बात पेंच फंस गया और मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया।
जिसके बाद शिवसेना के सिंबल धुनष और शिवसेना पार्टी पर किसका अधिकार होगा इस बात का फैसला अब सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग पर छोड दिया था। वहीं, चुनाव आयोग ने दोनों ही गुटो के लिए शिवसेना के धनुष और तीर दोनों का इस्तेमाल करने पर रोक लगाा दी।

दरअसल, जून 2022 में एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के साथ बगावत कर दी थी जिसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे फ्लोर टेस्ट का सामना करना पड़ा। जिसके बाद उद्धव ठाकरे अपने बेटों आदित्य और तेजस के साथ-साथ शिवसेना नेताओं नीलम गोरे और अरविंद सावंत और अन्य के साथ, मुंबई के राजभवन में लगभग 11.45 बजे राज्यपाल से मिले और उन्हें इस्तीफा दे दियाथा । कोश्यारी ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया और शिवसेना प्रमुख को वैकल्पिक व्यवस्था होने तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करने के लिए कहा। इस बीच शिवसेना के बागी मंत्री शिंदे ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई और शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने।