जयपुर। भारत में 5जी नेटवर्क को 1 अक्टूबर के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों को समर्पित किया था। अब सरकार धीर धीरे 5जी नेटवर्क को प्रमुख शहरों में रोलआउट कर रही है। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को कहा कि मार्च 2023 तक ओडिशा के कुछ बड़े शहरों में हाई-स्पीड 5जी सेवाएं शुरू की जाएंगी।
यहां मीडियाकर्मियों से बात करते हुए वैष्णव ने कहा कि पहले चरण के तहत भारत के लगभग 200 शहरों में 5जी सेवाएं शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस चरण में ओडिशा के कुछ प्रमुख शहरों को भी मार्च 2023 के अंत तक 5जी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि 2023 के अंत तक दूसरे चरण के तहत राज्य का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा हाई स्पीड इंटरनेट सेवा के दायरे में आ जाएगा। मार्च 2023 तक ओडिशा के कुछ बड़े शहरों में हाई-स्पीड 5G सेवाएं शुरू की जाएंगी। वैषण ने कहा कि सभी बड़े शहरों को चरण -1 में शामिल किया जाएगा और बाद में सेवा को अर्ध-शहरी क्षेत्रों और फिर देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तारित किया जाएगा।
वैष्णव ने रविवार को भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर भारत के पहले एल्युमिनियम फ्रेट रैक - 61 (BOBRNALHSM1) का भी उद्घाटन किया। भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन को विश्व स्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित करने पर, वैष्णव, जो रेल मंत्री भी हैं, ने कहा कि उन्होंने अपने बड़े भाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भूमि पूजा करने का अनुरोध किया है। उसके बाद मेगा प्रोजेक्ट के लिए फिजिकल वर्क शुरू होगा। मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में यात्री ट्रेनों के निर्माण में भी हल्की तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह खाली दिशा में ईंधन की कम खपत और भरी हुई स्थिति में माल ढुलाई के अधिक परिवहन के रूप में कार्बन फुटप्रिंट को कम करेगा। एक एकल रेक अपने जीवनकाल में 14,500 टन से अधिक CO2 बचा सकता है।