दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रेक पर इंद्रगढ़-आमली के बीच पुल पर फंसा ऊंट, इंजन से खींच कर निकाला, बड़ा हादसा टला , ढाई घंटे ठप रहा रेल यातायात
संवादाता शिवकुमार शर्मा
कोटा राजस्थान
कोटा 2 अगस्त, इंद्रगढ़-आमली के बीच सोमवार को एक पुल पर ऊंट फंस गया। बाद में मालगाड़ी के इंजन से खींच कर ऊंट को पुल से हटाया गया। इस घटना के चलते कोटा-सवाई माधोपुर के बीच करीब ढाई घंटे रेल यातायात ठप रहा। इस दौरान राजधानी और दयोदय सहित करीब आधा दर्जन ट्रेनें रास्ते में अटकी रहीं।
सूत्रों ने बताया कि शाम करीब 7:30 बजे एक ऊंट रेल पटरियों के पास चर रहा था। इसी समय एक मालगाड़ी कोटा की तरफ आ रही थी। ऊंट को पटरी से हटाने के लिए चालक ने हॉर्न बजाया। अचानक हॉर्न की आवाज सुनकर घबराया ऊंट दूर हटने की जगह रेल पटरियों के बीच में मालगाड़ी के आगे दौड़ने लगा। इसे देखकर चालक में मालगाड़ी की रफ्तार कम कर ली। 2 किलोमीटर भागने के बाद उंट मूई नदी के पुल पर पहुंच गया। यहां पुल के ऊपर ऊंट के पैर फंस गए। पैर फंसने से ऊंट से भागा नहीं गया। वह पटरियों के बीच ही बैठा रह गया। यह देखकर चालक ने मालगाड़ी को भी पुल के ऊपर ही खड़ा कर लिया। पहले तो चालकों ने ऊंट को पटरी से हटाने की कोशिश की। लेकिन ऊंट अपनी जगह से हिला तक नहीं। इसके बाद चालकों ने मामले की सूचना आमली स्टेशन मास्टर और कोटा कंट्रोल रूम को दी।
मालगाड़ी रुकने से पीछे चल रही दिल्ली-मुंबई राजधानी, निजामुद्दीन-मुंबई अगस्त क्रांति, अजमेर-जबलपुर दयोदय एक्सप्रेस, जयपुर-चेन्नई तथा जोधपुर-भोपाल आदि कई ट्रेनें अटक गई। इसके चलते अधिकारियों में हड़कंप मच गया। तुरत-फुरत में मौके पर करीब डेढ़ दर्जन ट्रैकमेंटेनर, सुपरवाइजर और अधिकारियों को भेजा गया। इसके बाद रस्सों की मदद से ऊंट को पुल से हटाने की कोशिश की गई। लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी ऊंट अपनी जगह से नहीं हिला।
रात 10:30 बजे साफ हुआ रास्ता-
इसके बाद मालगाड़ी को पीछे लिया गया। इसके बाद मालगाड़ी के इंजन की मदद से रस्सों से बांध कर ऊंट को धीरे-धीरे घसीटते हुए पुल से बाहर निकाला गया। घसीटे जाने से ऊंट के कई जगह चोट भी लग गई। बाद में ट्रैकमेंटेनरों ने जोर अजमाइश कर ऊंट को पटरियों से हटाया। कर्मचारियों ने बताया कि ऊंट को वही एक पेड़ से बांध दिया गया है। इसके बाद रात करीब 10:30 बजे रास्ता साफ हुआ। इस दौरान राजधानी ट्रेन को डाउन लाइन से निकाला गया। अन्य ट्रेनों को रास्ता साफ होने के बाद ही निकाला गया। इस दौरान ट्रेनें घंटो तक रास्ते में खड़ी रही। सूत्रों ने बताया कि आदेश के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।