पैगंबर पर टिप्पणी के बाद भाजपा ने प्रवक्ताओं पर लगाई लगाम, किसी धर्म के खिलाफ नहीं बोलने की दी चेतावनी

जयपुर। भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा द्वारा एक टीवी डिबेट में पैगबंर पर दिये गये बयान ने अतंराष्ट्रीय तूल पकड लिया जिसके बाद सत्तारूढ़ भाजपा ने नूपुर शर्मा एवं एक अन्य प्रवक्ता जिंदल को ससपेंड कर दिया। मामला बढ़ने के बाद भाजपा ने अपने प्रवक्ताओं और नेताओं के टीवी बहस में शामिल होने के लिए नई सीमाएं तय कर दी हैं। भाजपा सूत्रों का कहना है कि केवल अधिकृत प्रवक्ता और पैनलिस्ट ही टीवी डिबेट में भाग लेंगे और उन्हें मीडिया सेल द्वारा सौंपा जाएगा।प्रवक्ताओं को किसी भी धर्म, उसके प्रतीकों या धार्मिक शख्सियतों की आलोचना करने के खिलाफ चेतावनी दी गई है।

सूत्रों को मुताबिक भाजपा ने अपने प्रवक्ताओं को किसी भी डिबेट के दौरान किसी भी धर्म के खिलाफ, उसके प्रतीकों या धार्मिक शख्सियतों के खिलाफ अनरगल टिप्पणी नहीं करने की हिदायत दी है। सूत्रों का कहना है कि उनसे अपनी भाषा को संयमित रखने और उत्तेजित या उत्तेजित न होने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि बिना उकसावे के वे पार्टी की विचारधारा या आदर्शों का उल्लंघन नहीं कर सकते।

भाजपा ने अपने प्रवक्ताओं को आदेश दिया है कि किसी भी चैनल पर आने से पहले पहले टीवी पर चर्चा के विषय की जांच करें, उसकी तैयारी करें और उस पर पार्टी की लाइन का पता लगाएं। भाजपा यह भी चाहती है कि उसके प्रवक्ता सरकार के समाज कल्याण कार्यों पर ध्यान दें।

गौतरलब है कि भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा को 10 दिन पहले निलंबित कर दिया गया जिन्होंने एक टीवी डिबेट के दौरान इस्लामिक पैगंबर पर विवादित टिप्पणी की थी। उसने ट्विटर पर कहा कि उसकी टिप्पणी भगवान शिव के खिलाफ किए गए "अपमान" के जवाब में थी। एक अन्य पार्टी नेता, नवीन जिंदल को पैगंबर के बारे में एक ट्वीट पोस्ट करने के लिए निष्कासित कर दिया गया था जिसे बाद में उन्होंने हटा दिया था।