जयपुर। पिछले कुछ दिनों से क्रिप्टोकरेंसी को लेकर भारत में चर्चाएं तेज हैं। इस बात पर बड़ी चर्चा हो रही है कि क्रिप्टोकरेंसी पर रोक लगाई जाये या इसका नियमन किया जाये। भारत में इस मुद्दे को लेकर पिछले सप्ताह से अब तक दो मुख्य बैठकें हो चुकी हैं। भारत के प्रधानमंत्री ने भी क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अहम बयान दिया है। प्रधानमंत्री ने क्रिप्टो को लेकर चेतावनी भी दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘सिडनी संवाद' को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कहा है कि इस विषय पर सभी लोकतांत्रिक देशों को मिलकर काम करना होगा, साथ ही यह ध्यान रखना होगा कि यह गलत हाथों में नहीं पड़े नहीं तो युवाओं को इसका बड़ा नुकासान उठाना पडेगा और इसका गलत असर पडेगा। वहीं पिछली संसदीय समिति की एक बैठक में कहा गया कि क्रिप्टोकरेंसी को बंद नहीं किया जा सकता है, लेकिन इसका रेगुलेशन जरूरी है।
मोदी ने इस सिडनी संवाद को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के लिए और भारत के लोगों के लिए यह बहुत सम्मान की बात है कि मुझे सिडनी संवाद में आमंत्रित किया। मोदी ने कहा कि आज डिजिटल के युग में सब कुछ बहुत जल्दी बदल रहा है। और इसने राजनीति, इकॉनोमिक्स, और समाज को नये सिरे से परिभाषित किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि 'हम एक युग में होने वाले ऐसे बदलाव के दौर में हैं, जब तकनीक और डेटा हमारे नए हथियार बन रहे हैं।