जयपुर। इंडिया गेट पर 50 साल से जल रही अमर जवान ज्योति जवान अब हमेशा के लिए बुझ जायेगी। सरकार ने गणतंत्र दिवस के कुछ दिनों पहले ही अमर जवान ज्योती को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की मशाल में विलय करने का फैसला लिया है। आज एक कार्यक्रम के दौरन अमर ज्योति जवान को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की मशाल में मिला दिया जाएगा।
3.30 बजे शुरू होगा समारोह
अधिकारियों ने बताया कि अमर जवान ज्योति को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की मशाल में मिलाने के लिए समारोह आज दोपहर 3.30 बजे शुरू होगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख, एयर मार्शल बलभद्र राधा कृष्ण करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक अमर जवान ज्योति और राष्ट्रीय युद्ध स्माकर मशाल दोनों को लगातार जलाये रखना कठिन होता जा रहा है। इसलिए इन दोनों ज्योति को एक में ही विलय करने का फैसला लिया गया है। यह भी माना जा रहा है कि देश के शहीदों के लिए राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहले ही बनाया जा चुका है तो इंडिया गेट पर अगल से ज्योति जलाने से क्या मतलब है। सेना के सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में शहीदों के नाम भी हैं जो इंडिया गेट पर खुदे हुए हैं।
अब तक के सभी शहीदों के नाम अंकित
बता दें कि राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में उन सभी भारतीय जवानों के नाम लिख हुए हैं जिन्होंने ने सन 1947 में पाकिस्तान के साथ युद्ध से लेकर गलवान घाटी के संघर्ष में अपने प्राण गंवा दिये हैं। स्मारक की दीवारों पर आतंकवाद विरोधी अभियानों में जान गंवाने वाले सैनिकों के नाम भी शामिल हैं।
बता दें कि राष्ट्रीय युद्ध स्मारक ₹ 176 करोड़ की लागत से 40 एकड़ में बनाया गया है। इसका उद्घाटन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2019 में किया था। इंडिया गेट पर होने वाले सभी सैन्य औपचारिक कार्यक्रमों को उद्घाटन के बाद वहां स्थानांतरित कर दिया गया था।