व्यापारियों की बकाया मांग की वसूली हेतु एमनेस्टी स्कीम

कोटा । वाणिज्यिक कर विभाग के संभागीय कार्यालय पर आज कोटा व्यापार महासंघ, दी एस एस आई एसोसिएशन , सी ए एसोसिएशन एवं टैक्स बार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में एक बैठक का आयोजन किया गया ।
बैठक मे कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन महासचिव अशोक माहेश्वरी, दी एस एस आई एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविंद राम मित्तल अध्यक्ष राजकुमार जैन , कोटा मोटर व्हीकल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम भाटिया , कोटा ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष महेश गुप्ता, टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बी सी जैन एवं सी ए एसोसियेसन के अध्यक्ष शुशांक गर्ग एवं वाणिज्य कर विभाग के शम्भू दयाल मीना (RAS). अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन), राज्य कर, वाणिज्यिक कर विभाग, शिवेन्द्र कुमार सक्सेना संयुक्त आयुक्त, वृत बिजनेस ऑडिट एवं अनुपम शर्मा, उपायुक्त, वृत-बी उपस्थिति थे ।
बैठक में कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा की सरकार की एमनेस्टी स्कीम का लाभ व्यवसायियों को पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है । उन्होंने कहा कि 2010 के बाद भी बकाया मांगों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है विभाग द्वारा बार-बार तथ्य पेश करने के बावजूद उन पर अमल नहीं किया जा रहा है जिससे व्यापारियों उद्यमियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है उन्हे बार-बार विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं कई व्यवसायियों द्वारा पूरी खाना पूर्ति उचित समय कर देने के बावजूद भी 10 से 15 वर्ष पुरानी बकाया राशि निकाली गयी है जिसका रिकॉर्ड न तो विभाग के पास है न हीं व्यापारी के पास अब रिकार्ड उपलब्ध न है ऐसी तथ्यहिन मांगों को तुरंत प्रभाव से खत्म कर दिया जाना चाहिए ताकि विभाग एवं व्यवसाय दोनों जो इन झमेलो में फंसे हुए हैं उन्हें राहत मिल सके बार बार डिमांड दिए जाने से व्यापारी भी परेशान होता है । बैठक में दी एस एस आई एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविंद राम मित्तल अध्यक्ष राजकुमार जैन ने कहा कि एमनेस्टी स्कीम राज्य सरकार की अभूतपूर्व स्कीम है जिसका अधिकाधिक लाभ व्यवहारियो को मिलना चाहिए लेकिन उस अनुपात में इस दिशा में कार्य नहीं हो पा रहा है अभी भी समन्वय स्थापित नहीं होने की वजह से हजारों व्यापारियों एवं उद्यमियों पर डिमांड बनी हुई है इसके तहत अभी तक इनका निस्तारण नहीं हो पा रहा है अतः विभाग समन्वय स्थापित कर के व्यापारियों उद्यमियों सी ए वकिल एवं वाणिज्य कर विभाग त्वरित कदम उठाएं और कैंप के माध्यम से एक बार में इन सभी मामलों का निस्तारण करे ।
बैठक मे वाणिज्य कर विभाग के अतिरिक्त आयुक्त शंभू दयाल मीणा उपायुक्त अनुपम शर्मा एवं सयुक्त आयुक्त शिवेंद्र कुमार सक्सेना ने व्यापारियों उद्यमियों को बताया कि कोटा संभाग में विभिन्न हेड्स में लंबित चल रही कुल 569.53 करोड़ की पुरानी बकाया माँग के निस्तारण के लिए एमनेस्टी स्कीम 2022 के अंतर्गत विभाग को दिनांक 11.07.2022 तक कुल 9967 आवेदन विभाग को प्राप्त हो चुके है जिनमें से कुल 4756 आवेदनों का निस्तारण विभागीय अधिकारियों द्वारा किया जा चुका है तथा कुल 17.65 करोड़ की राशि With Interest Waive की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि एमनेस्टी स्कीम 2022 राज्य सरकार की एक अभूतपूर्व स्कीम है जिसका अधिकाधिक लाभ व्यापारियों उधमियो द्वारा लिया जाना चाहिये।इसके तहत उन्होंने बताया कि एमनेस्टी स्कीम 2022 के तहत समन्वय बनाकर सभी लंबित बकाया राशि एवं मामलों का निस्तारण किया जाए इसके तहत वाणिज्यिक कर विभाग, कोटा व्यापार महासघ दी एस एस आई एसोसिएशन कोटा मोटर व्हीकल डीलर्स एसोसिएशन लघु उद्योग भारती कोटा ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन सी ए एसोसिएशन एवं टैक्स बार एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों द्वारा आपस में समन्वय स्थापित करने पर जोर देते हुये यह भी निर्णय लिया गया कि एमनेस्टी स्कीम 2022 के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान माह जुलाई में दिनाँक 18 जुलाई से 20 जुलाई तक लगातार 3 दिवस तक बकाया माँगो के निस्तारण हेतु कैंप का वाणिज्यिक कर विभाग कोटा परिसर में आयोजित किया जायेगा।जिसमें इन सभी समस्याओं का हल किया जाएगा वाणिज्य कर विभाग कोटा के अधिकारी व्यापारिक औद्योगिक संगठन सी ए एसोसिएशन टैक्स बार एसोसिएशन इसमें पूरा सहयोग करेगी कैंप के आयोजन हेतु अनुपम शर्मा, उपायुक्त, वृत- बी. को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। बैठक में कोटा ग्रेनेड सीट्स मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी ने बताया कि सरकार द्वारा 18 जुलाई से पैकिंग खाद्यान्न को भी जी एस टी के दायरे में लाकर उस पर 5% जी एस टी लागू की जा रही है जिससे आम जनता खुदरा व्यापारियों पर भारी असर पड़ेगा उन्होंने इसे नहीं लगाए जाने के लिए वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया कि वह हमारा पक्ष जीएसटी काउंसलिंग तक भेजा जाए । और इस पर रोक लगाई जाए अगर पैकिंग खाद्यान्नों को जी एस टी के दायरे में लाया गया तो व्यापारियों को मजबूरन आंदोलन की राह पर आना पड़ेगा और आमजन पर भी इसका भारी असर पड़ेगा । कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कोटा ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेंन्ट्स एसो ० की इस मांग का पूरा समर्थन करते हुए कहा कि जीएसटी काउंसलिंग को इन व्यापारियों की मांग को उचित मानते हुए इस तरह का कोई भी टैक्स नहीं लगाया जाना चाहिए अगर इस तरह का कोई टैक्स लगाया जाता है तो इसके तहत चलाए जाने वाले हर आंदोलन को कोटा व्यापार महासंघ अपना पूर्ण समर्थन देगा । दी एस एस आई एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविंद राम मित्तल एवं अध्यक्ष राजकुमार जैन ने भी ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन की इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि एसोसिएशन हर तरह से सहयोग और समर्थन देगी

संवाददाता शिवकुमार शर्मा
कोटा राजस्थान