जयपुर। महाराष्ट्र के अमरावती में नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट करने वाले केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या के मामले में पुलिस ने एक बडा खुलासा करते हुए बताया कि उमेश की हत्या नूपुर शर्मा के समर्थन में सोलश मीडिया पर पोस्ट करने के कारण ही की गई थी। लेकिन, संवेदनशली मामला होने के कारण इसका खुलासा नहीं किया गया था। साथ पुलिस ने बताया केमस्टि उमेश की हत्या को अंजाम देने के लिए हत्यारों को एक मोटरसाइकिल और ₹ 10,000 दिये गये थे।
पुलिस आयुक्त आरती सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि, "वे जानते हैं कि 21 जून की हत्या पीड़िता के सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ी थी, जो निलंबित भाजपा नेता नूपुर शर्मा का समर्थन में की गई थी जिन्होनें पैगंबर मोहम्मद और इस्लाम पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थी। लेकिन, हमने मामले की बहुत संवेदनशील प्रकृति के कारण उस लिंक का खुलासा नहीं किया।"
वहीं, स्थानीय भाजपा पार्टी ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने राजनीतिक कारणों से इस घटना के वास्तविक कारणों को छिपाया है। स्थानीय भाजपा सांसद नवनीत कौर राणा ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन राज्य सरकार पर सीधा सवाल उठाया। जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को हत्या के लगभग 10 दिन बाद मामले को संभालने का आदेश दिया। अब दो हफ्ते की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद उनकी पार्टी राज्य में सत्ता में है. नए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि हत्या एक "राष्ट्रीय मुद्दा" है।
आयुक्त ने आरोपों का किया खंडन
आयुक्त ने इन आरोपों का खंडन किया कि एनआईए के अधिग्रहण की घोषणा होने तक पुलिस धीमी थी। उन्होंने कहा, "सांसद (नवनीत कौर राणा) झूठे आरोप लगा रही हैं, क्योंकि मैंने कुछ दिन पहले उनके पति रवि राणा के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था।"