नागौर : संक्रमित हुए पशुओं को छह लाख से ज्यादा पशुपालन विभाग लगाएगा टीका
Nagaur: नागौर जिले में एक माह के दौरान छह लाख दस हजार गो व भैंस वंश का टीकाकरण किया जाएगा। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पशु चिकित्सा विभाग टीकाकरण करेगा। यह अभियान 20 दिसंबर से 19 जनवरी तक चलेगा। ऐसे में खुरपका और मुंहपका रोग आदि के टीकाकरण का ध्यान रखा जाएगा। पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार टीकाकरण के लिए 32 वैक्सीन डिपो बनाए गए हैं। टीकाकरण के लिए पशु चिकित्सा विभाग के सदस्य प्रखंड व क्षेत्रवार प्रखंड करेंगे. इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं।
पशुपालन विभाग ने राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत टीकाकरण कार्यक्रम को बढ़ावा दिया है। हालांकि विभाग ने इस संबंध में हाल ही में हुई एक बैठक के दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी कर दिया है. उसके बाद भी जिला स्तर पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे रोकथाम स्तर पर समुदाय से संपर्क कर अभियान को सफल बनाने का काम करें और उन्हें वैक्सीन के बारे में समझाएं.
टीकाकरण में गैर सरकारी संगठन और निजी पेशेवर भी सहयोग कर सकते हैं। मंगलवार से अभियान की शुरुआत की जाएगी। इससे पहले उन्हें ब्लॉक स्तर और केंद्रीय स्तर पर जरूरी तैयारियां पूरी करने को कहा गया था। पशुपालन विभाग के मुताबिक खींवसर, जायल, रियाबड़ी, मेड़ता, परबतसर, मकराना, डेगाना, डीडवाना और मुंडवा जिलों में ब्लॉक और स्तर पर अलर्ट सेंटर निरीक्षण के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को सलाह दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि इस मौसम की यह बीमारी सर्दियों में जानवरों पर भी हमला करती है। पुराने समय में हड्डियों के कारण कई जानवर मर जाते थे। इसलिए कहा है कि इस बार भी सैन्य चिकित्सक स्थानीय लोगों के साथ बैठक आदि आयोजित कर अभियान की सफलता में सहयोग करने के लिए प्रेरित करें। अभियान को शत प्रतिशत सफल होने दें।
पशुपालन विभाग के अनुसार छह माह से कम उम्र के बच्चों व बीमार गाय-भैंसों का टीकाकरण नहीं किया जाएगा। प्रयास है कि 80 प्रतिशत से ज्यादा पशुओं को लगाया जा सके। उसके बाद भी यदि पशुओं की संख्या की तुलना में वैक्सीन पर्याप्त नहीं होती है तो कंपनी के प्रबंधन से संपर्क कर अधिक वैक्सीन की आवश्यकता होगी।
राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत टीकाकरण अभियान 20 दिसंबर से 19 जनवरी तक चलेगा। इसके लिए 32 वैक्सीन डिपो बनाए गए हैं। इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं।