गृह मंत्री अमित शाह की मध्यस्थता में असम-मेघालय का 50 साल पुराना सीमा विवाद सुलझा

जयपुर। असम और मेघालय के बीच सन 1972 से चले आ रहा 50 साल पुराना विवाद आज आखिरकर सुलझ गया है। गृहमंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने अंतर्राज्यीय सीमा समझौते ज्ञापन पर हस्तारक्षर किये। इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह मौजूद रहे।

विवाद के 12 बिंदुओ में से 6 पर बनी सहमती
सूत्रों के मुताबिक दोनों राज्यों के बीच चल रहे विवादों के 12 बिंदुओं में से 6 बिंदुओं पर समझौता हो गया है। जियमें अधिकांश बिंदु सीमा विवाद को लेकर थे। गृहमंत्री अमित शाह ने इसे पूर्वोत्तर के लिए ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि दोनों राज्यों के मध्य अधिकांश मुद्दों को सुलझा लिया गया है। उन्होनें कहा कि बचे हुए विवादों को भी जल्द ही सुलझा लिया जायेगा।

गृहमंत्री ने कहा कि, “आज का दिन एक विवाद मुक्त पूर्वोत्तर के लिए ऐतिहासिक दिन है। जब से देश में मोदी जी प्रधानमंत्री बने, तब से मोदी जी ने पूर्वोत्तर की शांति प्रक्रिया, विकास, समृद्धि और यहां की सांस्कृतिक धरोहर के संवर्धन के लिए अनेक वृहद प्रयास किए गए हैं, और में इसका साक्षी हूं।

दूसरी ओर मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने समझौता ज्ञापन पर हमला करने के बाद कहा, “हम इसे आगे ले जाकर जिन बाकी जगहों पर विवाद है उन्हें हल करने कोशिश करेंगे। ” वहीं, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा इस समझौते को ऐतिहासिक बताया और कहा कि, “यह हमारे लिए ऐतिहासिक दिन है. इस एमओयू के बाद अगले 6-7 महीनों में बाकी विवादित स्थलों की समस्या का समाधान करने का हमारा लक्ष्य है। हम पूर्वोत्तर क्षेत्र को देश में विकास का इंजन बनाने की दिशा में काम करेंगे।”