जयपुर। नाथूराम गोडसे पर ट्विट करने के मामले में गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी को देर रात असम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। असम पुलिस ने जिग्नेश मेवाणी को देर रात एक सर्किट हाउस के गिरफ्तार किया और इसके बाद उन्हें अहमदाबाद ले जाया गया जंहा से पुलिस सुबह उन्हें असम ले गई।
असम के कोकराझार से बीजेपी नेता अरूप कुमार डे ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। दर्ज एफ आईआर में जिग्नेश पर दो समुदायों के बीच शत्रुता को बढ़ावाद देने का आरोप लगाया है।
जिग्नेश मेवाणी के सहयोगी सुरेश जाट ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि "असम पुलिस के अधिकारियों द्वारा साझा किए गए एक दस्तावेज़ के अनुसार, कुछ दिन पहले मेवानी के एक ट्वीट पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। हालांकि, ट्वीट को ट्विटर ने हटा दिया है। यह ट्विट नाथूराम गोडसे के बारे में किया गया था। मेवाणी को पहले अहमदाबाद लाया गया था। सड़क मार्ग से और फिर आज सुबह हवाई मार्ग से असम ले जाया गया।
कांग्रेस ने किया विरोध
जिग्नेश की गिरफ्तारी की खबर सुनकर गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश ठाकोर और अन्य कांग्रेस नेता अहमदाबाद हवाईअड्डे पहुंचे और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
बता दें कि जिग्नेश मेवाणी, एक दलित नेता और राजनीतिक दल राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच के संयोजक, एक निर्दलीय विधायक हैं जिन्होंने पिछले साल कांग्रेस को सपोर्ट किया था। वह गुजरात के वडगाम से विधायक, वकील कार्यकर्ता और पूर्व पत्रकार हैं।
मेवाणी ने राजनीतिक कार्यकर्ता और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ नेता कन्हैया कुमार के साथ, पिछले साल सितंबर में कांग्रेस के राहुल गांधी के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जहां कन्हैया कुमार कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए थे और मेवाणी ने राहुल गांधी को अपना समर्थन दिया था। निर्दलीय विधायक का कार्यकाल पूरा होने के बाद वे कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे।