PFI पर बैन, एकनाथ शिंदे बोले- महाराष्ट्र सरकार केंद्र के फैसले का स्वागत करती है

जयपुर। केंद्र ने बुधवार को पीएफआई और उसके सहयोगियों के मोर्चों को पांच साल की अवधि के लिए तत्काल प्रभाव से 'गैरकानूनी संघ' घोषित करते हुए बैन कर दिया। सरकार के इस फैसले का देशभर के बड़े नेताओं और दलों ने स्वागत किया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगाने के फैसले की सराहना की और कहा कि केंद्र ने सही फैसला लिया है। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाने वाले पीएफआई को देश में इस तरह के नारे लगाने का कोई अधिकार नहीं है। यह देशभक्तों का देश है। गृह मंत्रालय उस पर कार्रवाई करेगा।'

मुख्यमंत्री ने मराठी में ट्वीट किया: "केंद्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया संगठन को पांच साल के लिए प्रतिबंधित करने का फैसला किया है। महाराष्ट्र सरकार इस फैसले का स्वागत करती है।"
बता दें की यह आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण के संबंध में पीएफआई कार्यालयों और नेताओं पर राष्ट्रीय छापेमारी की गयी जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि पीएफआई को 'कई आपराधिक और आतंकी मामलों में शामिल पाया गया है और यह देश के संवैधानिक अधिकार के प्रति सरासर अनादर दिखाता है और बाहर से वैचारिक समर्थन देता है, यह देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है।

सरकार के अनुसार, पीएफआई के कुछ संस्थापक सदस्य स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के नेता हैं और संगठन के जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के साथ संबंध हैं। सिमी और जेएमबी दोनों प्रतिबंधित संगठन हैं।