जयपुर। उत्तर प्रदेश चुनाव से ठीक पहले भाजपा और योगी आदित्यनाथ को भारी झटका लगा है। भाजपा के एक मंत्री और तीन विधायकों ने आज इस्तीफा दे दिया और चारों ही समाजवादी पार्टी में शामिल हो गये हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार के एक शीर्ष मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने ट्विटर पर अपना इस्तीफा पोस्ट किया। इसके बाद तुरंत बाद, तीन और विधायकों, रोशन लाल वर्मा, बृजेश प्रजापति और भगवती सागर ने अपने इस्तीफे की घोषणा की
बसपा से भाजपा में शामिल हुए थे मौर्य
स्वामी प्रसाद मौर्य जो सन 2016 में बसपा को छोडकर बीजेपी शामिल हुए थे। प्रसाद मौर्य एक शक्तिशाली ओबीसी नेता हैं जो पांच बार विधायक रह चुके हैं।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपना त्याग पत्र लिखा। स्वामी प्रसाद मौर्य ने लिखा कि, "विभिन्न विचारधारा के बावजूद, मैंने योगी आदित्यनाथ कैबिनेट में समर्पण के साथ काम किया। लेकिन उन्होंने दलितों, ओबीसी, किसानों, बेरोजगारों और छोटे व्यापारियों का घोर उत्पीड़न किया है इसी कारण मैं इस्तीफा दे रहा हूं।" उन्होंने संवाददाताओं से यह भी कहा: "मेरे बाहर निकलने का भाजपा पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद स्पष्ट होगा।
जैसे ही उनका पत्र ट्विटर पर सामने आया, अखिलेश यादव ने मौर्य के साथ एक तस्वीर ट्वीट की, जिसमें उनका और उनके समर्थकों का समाजवादी पार्टी में स्वागत किया गया।
सूत्रों से पता चला है कि स्वामी मौर्य ने यह निर्णय अचानक नहीं लिया है। कुछ समस्याओं को लेकर दो महीने पहले उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से योगी आदित्यनाथ को लेकर शिकायत की थी। लेकिन ये बात बहार नहीं आयी। जब समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो स्वामी ने अब इस्तीफा दे दिया।