जयपुर। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री मतता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ के बीच का मतभेद छुपा नहीं है। राज्यपाल धनखड़ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नेतृत्व वाली सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा चुके हैं। अब स्वयं राज्यपाल ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर इस हफ्ते विभिन्न मुद्दों पर राजभवन आकर चर्चा करने की अपील की है।
राज्यपाल को जानकारी देना मुख्यमंत्री का संवैधानिक कर्तव्य
राज्यपाल धनखड ने कहा कि, "विभिन्न मुद्दों पर ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद अभी तक मुख्यमंत्री की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है। धनखड़ ने कहा कि, संविधान के अनुच्छेद 167 के तहत राज्यपाल को जानकारी देना मुख्यमंत्री का संवैधानिक कर्तव्य है।
राज्यपाल धनखड ने टिव्ट करते हुए लिखा, "माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी है कि आने वाले सप्ताह के दौरान किसी भी समय राजभवन में बातचीत के लिए आयें। क्योंकि कईं मुद्दों पर प्रतिक्रिया की कमी से संवैधानिक गतिरोध पैदा हो सकता है जिसे टालने की हमारी शपथ द्वारा हम दोनों को ठहराया गया है।" उन्होंने सभी मुद्दों पर बनर्जी से तत्काल प्रतिक्रिया देने का आग्रह किया। धनखड़ ने 15 फरवरी को बनर्जी को लिखे पत्र में कहा कि वाजिब मुद्दों पर ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
लगा चुके हैं भ्रष्टाचार के आरोप
इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल धनखड़ के बीच जुबानी खींचतान हो चुकी है। राज्यपाल ने ममता बनर्जी की सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा चुके हैं। राज्यपाल ने मां केंटीन और कोरोना के द्वारा खरीदे गये उपकरणों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाये।