कोटा-बूंदी के लोगों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं हमारी जिम्मेदारीः बिरला पीएम मोदी के जन्म दिन पर लोक सभा अध्यक्ष का तोहफा, स्वास्थ्य कैंपों की श्रंखला का किया शुभारंभ

कोटा-बूंदी के लोगों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं हमारी जिम्मेदारीः बिरला
पीएम मोदी के जन्म दिन पर लोक सभा अध्यक्ष का तोहफा, स्वास्थ्य कैंपों की श्रंखला का किया शुभारंभ

ब्यूरो चीफ शिवकुमार शर्मा
कोटा राजस्थान

कोटा, 17 सितम्बर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 72वें जन्म दिन पर लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं का तोहफा दिया। एक ओर जहां उन्होंने बूंदी के नमाना से कोटा-बूंदी के पंचायत क्षेत्रों में लगने वाले स्वास्थ्य जांच शिविरों का शुभारंभ किया वहीं बच्चों के लिए स्वास्थ्य जांच अभियान की घोषणा भी की।

नमाना के इंद्रा उच्च माध्यमिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत लोक सभा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को जन्म दिन की शुभकामनाएं देने के साथ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि देश का प्रत्येक नागरिक स्वास्थ्य रहे ताकि वे देश के विकास में अपना सम्पूर्ण योगदान दे सके। इसी को देखते हुए कोटा-बूंदी के प्रत्येक व्यक्ति को अच्छा स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य जांच शिविरों के आयोजन की कार्ययोजना तैयार की गई है।

इन शिविरों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को विशेषज्ञ परामर्श और जांच सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इन शिविरों के माध्यम से ऐसे मरीज भी चिन्हित किए जाएंगे जिन्हें बड़े उपचार केंद्रों पर इलाज की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त कैंसर मरीजों को चिन्हित करने के लिए भी गंभीर प्रयास किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर को लेकर जागरूकता का अभाव है। जब तक यह रोगी अस्पताल पहुंचते हैं, बहुत देर हो चुकी होती है।

स्कूलों में होगी बच्चों की स्वास्थ्य जांच
उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के लिए भी कार्ययोजना बनाई है। शिविरों के माध्यम से पोषण की कमी से ग्रस्त गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किया जाएगा। इन महिलाओं को नौ माह तक पोषण किट उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके अलावा कोटा और बूंदी जिलों के सरकारी और निजी विद्यालयों में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच के लिए अभियान चलाया जाएगा।

गांव-गांव जाएंगी हॉस्पिटल ऑन व्हील
नमाना शिविर से स्पीकर बिरला ने दो हॉस्पिटल ऑन व्हील को भी रवाना किया। स्पीकर बिरला की इन विशेष स्वास्थ्य यूनिट्स के माध्यम से गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की योजना हैं। इन युनिट्स में डॉक्टर और चिकित्साकर्मी तो होंगे ही, बुनियादी जांचों की सुविधा भी मिलेगी। इसके अतिरिक्त मरीजों को मौके पर ही दवाएं भी दी जाएंगी। इन युनिट्स के माध्यम से गंभीर रोगियों को भी चिन्हित किया जाएगा।

चश्मे-छड़ी और सहायक उपकरण बांटे

कार्यक्रम के दौरान पूर्व में चिन्हित किए गए दिव्यांगों और वरिष्ठजनों को चश्मे, छड़ी और अन्य सहायक उपकरण भेंट किए गए। बुजुर्गों को स्पीकर बिरला ने मंच से उतरकर कर छड़ी भेंट की। शिविर के दौरान सहायक उपकरणों के लिए नए पंजीकरण भी किए गए।

‘‘मेडिकल कैम्प लगार बिरला जी ने चोखो काम कर्यो छः‘‘
-शिविर में स्वास्थ्य लेने उमड़े ग्रामीण

कोटा। आमली गांव के मन्नाजी के घुटने कई सालों से खराब हैं। वे पिछले कई सालों से खराब घुटनों के कारण बिना सहारे घर से बाहर तक नहीं निकल पा रहे। स्पीकर ओम बिरला की ओर से नमाना गांव में लगाए गए स्वास्थ्य जांच शिविर में उन्होंने घुटने की जांच करवाई। डाक्टर ने उन्हें कुछ और जांचों के लिए लिखा है। मन्नाजी को उम्मीद है कि शिविर के माध्यम से उनके घुटने ठीक हो जाएंगे।

जवाहर नगर गांव के बुजुर्ग जगन्नाथ को कान से कम सुनाई देता है, देखने में भी परेशानी है। कांति बाई अल्सर की समस्या से परेशान है। घासीलाल और मांगी बाई को मोतियाबिंद की समस्या है। इन सब से भी जब डॉक्टरों ने कहा कि कुछ समय के इलाज के बाद परेशानी दूर हो जाएगी तो उनके चेहरे पर सुकून भरी शांति नजर आई। इन सब का कहना था कि सुदूर गांव में शिविर आयोजित कर स्पीकर बिरला ने अच्छा काम किया है।

नमाना गांव में स्पीकर बिरला की ओर आयोजित किए गए स्वास्थ्य जांच शिविर के प्रति लोगों में भरोसा और विश्वास दिखाई दिया। सुबह 10 बजे से ही पंजीकरण करवाने और मेडिकल कॉर्ड बनाने के लिए कतारें लगी हुई थीं। शिविर में फिजिशियन, सर्जन, महिला रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग तथा कान-नाक-गला रोग विशेषज्ञों के पास दिन भर लोगों का तांता लगा रहा।

चिकित्सकों की लिखी जांचें करवाने के लिए शिविर में ही व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा दवाओं के निशुल्क वितरण के लिए भी अलग से कांउटर लगाया गया था। इन सारी सुविधाओं से लोग काफी खुश नजर आए। उनका कहना था कि गांव में बिरला ने जैसे एक मध्यम श्रेणी का अस्पताल तैयार करवा दिया, जहां लगभग सभी सामान्य बीमारियों का उपचार उपलब्ध है।

हायड्रोकिफेलस पीड़ित बच्चे को मिलेगा उपचार

शिविर के माध्यम से दो गंभीर मरीजों को बड़े केंद्रों पर उपचार के लिए चिन्हित किया गया। शिविर में हाइड्रकिफेलस से पीड़ित एक बच्चा भी पहुंचा। इस बीमारी में बच्चे के सिर का आकार शरीर की तुलना में अधिक हो जाता है। इस बच्चे का उपचार जयपुर में करवाया जाएगा। इसी तरह दिल में छेद की परेशानी से पीड़ित एक मरीज ने भी शिविर में अपनी जांच करवाई। उसका उपचार भी कोटा या जयपुर में करवाया जाएगा।

आंखों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने की जरूरत
शिविर में बड़ी संख्या में ऐसे बुजुर्ग मरीज पहुंचे जो मोतियाबिंद से ग्रस्त थे। अब इनका जल्द ऑपरेशन करवाया जाएगा। इनकी जांच करने वाले चिकित्सकों का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में आंखों की समस्या के प्रति जागरूकता की कमी दिखाई दी। मोतियाबिंद का छोटा से ऑपरेशन करवाने के बाद इनकी नजर में सुधार आ सकता है। परन्तु यह लोग कई सालों से इसी परेशानी के साथ अपना जीवन जी रहे हैं।