जयपुर। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। लगातार भाजपा के नेता पार्टी को छोड़कर जा रहे हैं। कल तक 6 नेता बीजेपी को छोडकर जा चुके थे और आज एक और ओबीसी विधायक नेता मुकेश वर्मा ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है।
मुकेश वर्मा ने ट्विटर पर अपना इस्तीफा पोस्ट किया और और स्वामी प्रसाद मौर्य के घर पर आ गए। मुकेश वर्मा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से विधायक हैं। मुकेश वर्मा, स्वामी प्रसाद मौर्य और चार अन्य लोगों की तरह ओबीसी के नेता हैं, जिन्होंने पिछले तीन दिनों में भाजपा छोड़ दी है।
वर्मा ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारी कोई सुनता ही नहीं था। ना ही हमारे मुद्दों की सुनवाई हुई। हाालांकि अभी मुकेश वर्मा ने किसी भी पार्टी में शामिल होने से इंकार किया है। मुकेश वर्मा ने भी बीजेपी पार्टी पर वही आरोप लगाये हैं जो पहले इस्तीफा देकर गये नेताओं ने लगाये हैं। वर्मा ने अपने त्याग पत्र में लिखा, "बीजेपी सरकार ने पिछले पांच वर्षों में दलितों, पिछड़ी जातियों और अल्पसंख्यकों और अपमानित जनप्रतिनिधियों पर कोई ध्यान नहीं दिया।"
राज्य सरकार ने दलितों, पिछड़ी जातियों पर अत्याचार किया है। किसान, बेरोजगार युवा की नहीं सुनी गई। इन नीतियों के कारण मैं पार्टी छोड़ रहा हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य उत्पीड़ितों और हमारे नेता की आवाज हैं। मैं उनके साथ हूं।
वहीं सूत्रों के मुताबिक पता चला है कि तीन मंत्रियों समेत सभी 10 विधायक अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी में जा रहे हैं।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने अभी तक समाजवादी पार्टी में जाने की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने कल कहा था कि वह शुक्रवार को अपनी योजनाओं की घोषणा करेंगे।
चुनाव से पहले पिछड़ी जाति के सात नेताओं का जाना भाजपा के लिए एक बड़ा झटका है; पार्टी अपने चुनावी गणित का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा बनाए रखने के लिए मौर्य और अन्य पिछड़ी जाति के नेताओं पर भरोसा कर रही थी।