रिश्वतखोर डॉक्टर अनिल गुप्ता गिरफ्तारी के 12 घंटे में रिहा, विपक्ष ने सरकार को घेरा

जयपुर। राज्य में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर एक बार फिर से राजनीति गर्म हो गई है। हाल ही में भरतपुर में 2000 रूपये की रिश्वत लेते पकड़े डॉक्टर अनिल गुप्ता को पुलिस ने मात्र 12 घंटे की अंदर ही छोड़ दिया है। इस पर विपक्ष ने राज्य सरकार का आड़े हाथ लिया है, और सरकार का भ्रष्टाचारी बताया। दरअसल हाल ही में भरतपुर के आरबीएम अस्पताल में डॉक्टर ​अनिल गुप्ता को एसीबी टीम ने 2000 रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। और पुलिस ने डॉक्टर को 12 घंटे के भीतर ही रिहा कर दिया।

ऐसे में भाजपा के वरिष्ठ नेता गुलाबचंद कटारिया ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया और सवाल किया कि जो डॉक्टर रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए ​एसीबी ने पकड़ा है उसे 12 घंटे में छोड़ने की क्या नौबत आ गई। यहां तक की गुलाब चंद कटारिया ने एसीबी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाये। गुलाबचंद कटारिया ने प्रदेश की सत्ताधारी सरकार को भ्रष्टाचारी सरकार करार ​ दे दिया। कहा कि राज्य में हर जगह भ्रष्टाचार पनप रहा है और राज्य सरकार ऐसे भ्रष्टाचारियों की सहायता करके भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है।

कटारिया ने कहा कि इस कोराना महामारी समय में भी भ्रष्टाचारी गरीब जनता को लूट रही है। ऐसे में सरकार को इन घटनाओं को टोलरेट नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर मेरा बेटा भी अगर भ्रष्टाचार करता है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। तब जाके की प्रदशे से भ्रष्टाचार खत्म होगा।
वहीं, इस पूरे वाक्या पर एसीबी के डीजी बी एल सोनी ने सफाई देते हुए कहा है​ कि डॉक्टर अनिल पर केस खत्म नहीं हुआ है वो जारी रहेगा। उन्हें मेडिकल इमरजेंसी के कारण जमानत दी गई है।