पेयजल परियोजनाओं का कार्य अन्य विभागों से समन्वय कर प्रगति लाएं - अतिरिक्त जिला कलक्टर

ब्यूरोचीफ शिव कुमार शर्मा
कोटा राजस्थान

पेयजल परियोजनाओं का कार्य अन्य विभागों से समन्वय कर प्रगति लाएं - अतिरिक्त जिला कलक्टर

जल जीवन मिशन

कोटा 27 अगस्त। जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई जिसमें पेयजल परियोजनाओं को अन्य विभागों से समन्वय कर समयबध्तता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।

अतिरिक्त जिला कलक्टर ने कहा कि जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग, अपने विभाग के साथ पंचायती राज विभाग, राजस्व विभाग व अन्य विभागों तथा जनप्रतिनिधियों से समन्वय कर घर-घर नलों से पानी पहुँचाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत जिले मे स्वीकृत पेयजल परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण करें जिससे आम लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में घरों तक पेयजल कनेक्शन का तंत्र विकसित करने के लिए चल रहे कार्यों को प्रतिमाह लक्ष्य तय कर समय पर पूरे कराये। उन्होंने ग्राम पंचायतों में योजना के प्रति जागरूकता के लिए आईईसी गतिविधियां आयोजित कर स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जानकारी देने तथा ब्लॉक स्तर के जनप्रतिनिधियों अधिकारियों तथा ग्राम स्तर पर ग्राम स्तरीय अधिकारियों जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों को भागाीदारी के साथ मिलकर कार्य करने के निर्देश दिये।
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने योजना की बिन्दुवार समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य स्तर से निर्धारित रेंकिंग के मापदण्डों के अनुसार सभी कार्य निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला परिषद पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायत के सहयोग से जिले के समस्त विद्यालयों आंगनबाड़ी केंद्रों उप स्वास्थ्य केंद्रों तथा ग्राम पंचायतों में नल जल कनेक्शन अनिवार्य रूप से 15वें वित्त आयोग या अन्य मद से तत्काल करने के निर्देश दिए।

उन्होंने प्रत्येक ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समितियों को सक्रिय कर योजना में आर्थिक रूप से जन सहभागिता राशि जमा कराने के लिए प्रेरित कर योजना के लाभों से अवगत कराने के निर्देश दिये।
अधीक्षण अभियंता जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग रामनिवास मीणा ने बताया कि जिले में जल जीवन मिशन योजना के तहत 81 गांवों में 26 हजार 460 घरों में नल कनेक्शन देने हैं। इनमें 46 स्कीम पर कार्य प्रगति पर है जिनमें 47 स्थानों पर उच्च जलाशयों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में 4 बडी पेयजल परियोजनाऐं है जिनमें बोरावास-मंडाना, नौनेरा, परवन-अकावद तथा रामगंजमंडी-पचपहाड पेयजल परियोजना से जिले के समस्त गावों को पेयजल उपलब्ध कराया जायेगा।
बैठक में सहायक कलेक्टर प्रशिक्षण, अधीक्षण अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग रामनिवास मीणा, अधिशासी अभियंता जिला ग्रामीण खंड सोमेश मेहरा अधिशासी अभियंता परियोजना खंड पुरुषोत्तम सिंघल, वरिष्ठ भूजल वैज्ञानिक प्रवाल अथैया, सीसीडीयू से परामर्शदाता कमल शर्मा, जिला परिषद, शिक्षा विभाग, वन विभाग, कृषि विभाग , उद्यान विभाग, सहायक अभियंता, आईएसए प्रतिनिधि, समेत जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के सदस्य गण सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।