महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की 133वीं पुण्य तिथि मनाई

शाहपुरा न्यूज - महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले जी की 133वीं पुण्यतिथि दिनेश चन्द सैनी प्रदेशाध्यक्ष राष्ट्रीय फुले ब्रिगेड टीम राजस्थान की अध्यक्षता में मनाई गई। इस दौरान चिरंजी लाल सैनी, मनीष सैनी, रोशन लाल सैनी सहित कई  लोगों ने फुले की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित करके उनको शत शत नमन किया। इस दौरान दिनेश चन्द सैनी ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को पुणे में हुआ था। उनकी माता का नाम चिमणाबाई तथा पिता का नाम गोविंदराव था। उनका परिवार कई पीढ़ी पहले माली का काम करता था। वे सातारा से पुणे फूल लाकर फूलों के गजरे आदि बनाने का काम करते थे इसलिए उनकी पीढ़ी 'फुले' के नाम से जानी जाती थी। ज्योतिबा बहुत बुद्धिमान थे।


उन्होंने मराठी में अध्ययन किया। वे महान क्रांतिकारी, भारतीय विचारक, समाजसेवी, लेखक एवं दार्शनिक थे। 1840 में ज्योतिबा का विवाह सावित्रीबाई से हुआ था। महाराष्ट्र में धार्मिक सुधार आंदोलन जोरों पर था। जाति-प्रथा का विरोध करने और एकेश्‍वरवाद को अमल में लाने के लिए ‘प्रार्थना समाज’ की स्थापना की गई थी जिसके प्रमुख गोविंद रानाडे और आरजी भंडारकर थे। उस समय महाराष्ट्र में जाति-प्रथा बड़े ही वीभत्स रूप में फैली हुई थी। स्त्रियों की शिक्षा को लेकर लोग उदासीन थे, ऐसे में ज्योतिबा फुले ने समाज को इन कुरीतियों से मुक्त करने के लिए बड़े पैमाने पर आंदोलन चलाए। उन्होंने महाराष्ट्र में सर्वप्रथम महिला शिक्षा तथा अछूतोद्धार का काम आरंभ किया था।