Chand Kab Niklega : करवा चौथ व्रत कल, जानें चांद निकलने का समय

गुरुवार को निर्जला करवा चौथ का व्रत रहेगा। इसकी तैयारी में महिलाएं अभी से जुट गई हैं। चंद्रमा के उदय होने पर महिलाएं चंद्र देव की पूजा कर प्रसाद ग्रहण करेंगी।

महर्षि पाराशर ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश पांडे ने कहा कि करवा चौथ और कार्तिक कृष्ण चतुर्थी चंद्रोदय ब्यापिनी को मनाई जाती है. करवा चौथ गुरुवार को संकष्टी गणेश कारक चतुर्थी का व्रत है। सोमवार शाम 7:55 बजे होगा। इस वर्ष कृतिका नक्षत्र गुरुवार से शाम तक रहेगा।

सिद्धि योग के बाद व्यतिपात योग मिल रहा है। यह एक महान व्रत और महिलाओं का त्योहार है। सौभाग्वती स्त्रियां अपने पति के दीघार्यु के लिए इस व्रत को धारण करती हैं। रात्रि के समय भगवान शिव, चन्द्रमा, कार्तिकेय आदि के चित्रों व सुहाग की वस्तुओं की पूजन करती हैं। सबसे ऊपर चन्द्रमा, उसके नीचे शिव, उसके नीचे कार्तिकेय के चित्र दीवाल पर बनाकर उनका पूजन करना चाहिए।

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि करवा चौथ को निर्जला व्रत रहने का विधान है। सायंकाल चन्द्रमा को अर्घ देकर बिना नमक का भोजन करें। पीले मिट्टी की गौरीजी का चित्र बनाकर उनकी पूजन करना चाहिए। पूजन मन्त्र ॐ चं चन्द्रमसे नमः, ॐ शिवाय नमः, विशेष मंत्र ॐ षडमुखाय विद्महे मयूर वाहनाय धीमहि तन्नो कार्तिक प्रचोदयात। इन मन्त्रों से निष्ठा पूर्वक पूजन करना चाहिए। जो स्त्रियां इस व्रत को निष्ठा पूर्वक करती हैं। वह आजीवन सौभाग्वती बनी रहती हैं।