बाल अधिकार सप्ताह का हुआ शुभारम्भ

संवाददाता सुभाष सिंह

झोटवाड़ा |

अलवर । जिला कलक्टर नन्नूमल पहाडिया ने रविवार को बाल दिवस के अवसर पर बाल अधिकार सप्ताह का शुभारम्भ करते हुए जागरूकता रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
इस दौरान जिला कलक्टर नन्नूमल पहाडिया ने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास सही मायने में उचित एवं अनुकूल वातावरण में ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के प्रति होने वाली लैंगिग हिंसा को रोकना हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बच्चे हमारे देश का भविष्य होते हैं बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास की महती भूमिका होती है। उन्होंने बताया कि जागरूकता रथ में बालश्रम, बाल भिक्षावृत्ति, एवं लैंगिक हिंसा की रोकथाम तथा शिक्षा के प्रति जागरूकता हेतु सामग्री विशेष रूप से प्रदर्शित की गई है ताकि आमजन बाल सुरक्षा एवं संरक्षण के प्रति सजग हो एवं जरूरत के समय बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाये।
जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक रामनिवास यादव ने बताया कि जिला प्रशासन एवं जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग अलवर के संयुक्त तत्वाधान में 14 नवम्बर से 20 नवम्बर तक बाल अधिकार सप्ताह का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाई अलवर द्वारा युनिसेफ-एक्सन एड के सहयोग से 14 से 20 नवम्बर के दौरान बाल सुरक्षा एवं संरक्षण के प्रति जागरूकता हेतु राजकीय एवं गैर राजकीय हितधारकों के साथ विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा जिसमें पुलिस विभाग के साथ लैंगिक हिंसा एवं किशोर न्याय अधिनियम पर कार्यशाला, देखरेख संस्थानों में आवासित बच्चों के साथ बाल अधिकार थीम पर चित्राकला, मेंहन्दी प्रतियोगिता, बच्चों को बाल सुरक्षा एवं प्रेरणादायक फिल्म प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाना, स्वास्थय एवं मनोरंजन हेतु खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन आदि गतिविधियां मुख्य रूप से होंगी। साथ ही जनप्रतिनिधियों के आमुखीकरण एवं ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जायेगा जिसमें ग्राम स्तर पर बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण के मुद्दों पर चर्चा की जायेगी।
उन्होंने बताया कि 20 नवम्बर को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार अधिवेशन के उपलक्ष्य में बाल अधिकार सप्ताह का समापन कार्यक्र्रम होगा जिसमें पुलिस अन्वेषण भवन अलवर में पुलिस अधिकारियों को हेतु किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम पर कार्यशाला का आयोजन होगा तथा बाल अधिकार सप्ताह के दौरान आयोजित गतिविधियों में सर्वश्रेष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया जायेगा।