अकेलेपन की गिरफ्त में चीन के युवा, डेटिंग एप और ऑनलाइन चैटिंग ही सहारा

जयपुर न्यूज डेस्क। कोरोनाकाल में सख्त लॉकडाउन लगने के बाद से चीन के युवा अकेलेपन की मार झेल रहे हैं। लंबे लॉकडाउन के कारण चीन के युवा अपने घरों में लंबे समय तक कैद रहे। ऐसे में युवा ऑनलाइन चैटिंग, वर्चुअल पार्टी करते हैं। दरअसल, चीन में फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया एप्स पर प्रतिबंध लगा हुआ है। ऐसे में चीन के युवा केवल चीनी सोशल मीडिया पर ही निर्भर है। चीन के लाखों युवा डेटिंग ऐप के जरिए दोस्त बना रहे हैं और घर बैठे काम और घर से अलग वर्चुअल दुनिया बना रहे हैं। चीन के युवा एप्स के जरिए दोस्त बना रहे हैं। ये लोग डेटिंग एप्स पर एक दूसरे से मिलना या जीवन साथी ढूंढना नहीं चाहते बल्कि अपने जैसे लोगों के साथ मिलकर ऑनलाइन चैटिंग करते हैं।
बता दें कि फिलहाल चीन में अभी 275 डेटिंग ऐप है। और इन 4 सालों में डेटिंग एप्स में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है 2017 से इन एप्स में 239% का इजाफा हुआ है। चीन में डेटिंग एप्स के बढ़ते नए ट्रेंड के बाद अब डेटिंग ऐप बनाने वाली कंपनियां नए नए प्रयोग कर रही हैं। टेंसेंट अपनी डेटिंग ऐप में वर्चुअल पार्टी गेम पर काम कर रही है। इससे लोग घर बैठे बिना घर से निकले सामाजिक रूप से मिल सकेंगे। एक सर्वे में सामने आया है कि डेटिंग एप को इस्तेमाल करने वाले 33% लोग 13 से 32 साल के हैं।

बता दें कि चीन की सरकार ने पिछले साल कई एक्स बनाने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की थी लेकिन डेटिंग एप्स बनाने वाली कंपनियों पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। क्योंकि डेटिंग एप्स डेटिंग के लिए लोगों को मिलाना अपना लक्ष्य नहीं मानती। इन एप्स में चीनी समाज को आगे बढ़ाने को माना है। कम्युनिस्ट पार्टी का भी मानना है कि डेटिंग एप्स के जरिए युवाओं का अकेलापन दूर हो रहा है।