जयपुर। एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन जी 7 के दल को संबोधित कर रहे हैं वहीं सीआइए के निदेशक काबुल में तालीबान प्रमुख से गुप्त वार्ता कर रहे हैं। मंगलवार को एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के शीर्ष जासूस ने तालिबान के नेता अब्दुल गनी बरादर के साथ काबुल में बैठक की है। एक रिपार्ट के मुताबिक ये बैठक इस शर्त के साथ हुई की बैठक में भाग ले रहे अधिकारियों के बारे में खुलासा नहीं किया जायेगा।
वहीं दूसरी जी 7 की बैठक में यह पहली बार होगा जब अमेरिकी राष्ट्रपति वैश्विक मंच पर अफगानिस्तान की खराब स्थिति के बारे में बात कर रहे हैं। अमेरिका के अलावा, ग्रुप ऑफ सेवन (G7) में जर्मनी, इटली, कनाडा, फ्रांस, यूके और जापान शामिल हैं। बाइडेन ने बार-बार अपने कार्यों का बचाव करते हुए कहा है कि अमेरिकी सैनिक किसी और के युद्ध के लिए नहीं मर सकते।
बता दें कि तालिबान ने अफगानिस्तान में 15 अगस्त को सत्ता पर कब्जा कर लिया था, इससे दो हफ्ते पहले अमेरिका ने दो दशक के बाद अपनी सेना की वापस बुला लिया था। इसने अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी को देश छोड़कर संयुक्त अरब अमीरात जाने के लिए मजबूर हो गये। अफगान संकट और तालिबान के खिलाफ संभावित आर्थिक प्रतिबंधों पर चर्चा के लिए जी7 देशों के नेताओं की मंगलवार को बैठक होने के बीच चीन ने जुर्माना लगाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों को अतीत से सबक सीखना चाहिए और विवेकपूर्ण तरीके से काम करना चाहिए।
कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका के सात नेताओं का समूह मंगलवार को एक आभासी बैठक आयोजित करने वाला है, जिसमें तालिबान के अफगानिस्तान के अधिग्रहण के बाद उत्पन्न स्थिति पर चर्चा की जाएगी और संकट के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का समन्वय किया जाएगा।