जयपुर। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और आर्थिक स्थिति को सुधारने की गुहार केंद्र सरकार से लगाई है। सीएम अशोक गहलोत ने आर्थिक समीक्षा की एक मीटिंग के दौरान कहा कि केंद्र सरकार को सहकार संघवाद की भावना को मजबूत करने के लिए और राज्यों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नीतिगत और आर्थिक सहयोग करना चाहिए। इस मीटिंग के दौरान मुख्मंत्री अशोक गहलोत के साथ योगेश सूरी और सलाहकार राजनाथ राम और नीति आयोग के सदस्य, प्रो रमेश चंद्र भी मौजूद थे।
सीएम गहलोत ने कहा कि विगत कुछ वर्षों से देश के राज्य कोरानो महामारी, प्राकृतिक आपदा, आर्थिक मंदी का दंश झेल रहे हैं। जिससे राज्यों की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। और राज्यों पर विपरीत वित्तीय प्रभाव पड़ा है। इसलिए केंद्र सरकार को राज्यों की मदद करनी चाहिए। आगे उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार के सहयोग के बिना अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना मुश्किल काम है।
बता दें कि वर्तमान में केंद्र सरकार 50:50 के अनुपात में राज्यों की सहायता कर रही है। गहलोत ने इस अनुपात में केंद्र सरकार के योगदान को 90:10 में करने के लिए गुहार लगाई है। साल 2013 तक राष्ट्रीय पेयजल कार्यक्रम के तहत मरुस्थलीय क्षेत्रों को 90:10 के अनुपात में केन्द्रीय सहायता प्रदान की जाती थी। बाद में इसे घटाकर 60:40 और अब 50:50 कर दिया गया
सहकार संघवाद
सहकार संघवाद का मतलब है कि जब केंद्र सरकार और राज्य सरकारें किसी सामूहिक समस्या का निदान एक साथ मिलकर करती हैं। सहकारी संघवाद एक ऐसी अवधारणा है जिसमें केंद्र और राज्य एक संबंध स्थापित करते हुए एक दूसरे के सहयोग से अपनी समस्याओं का समाधान करते है।