जयपुर। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने आज दोपहर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक के बाद ट्वीट किया कि नागालैंड में विवादास्पद सशस्त्र बलअधिनियम को वापस लेने की जांच के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा।
बताद कि अफस्पा एक कानून जिसके तहत अशांत क्षेत्र में सेना को विशेष अधिकार दिये जाते हैं। उस क्षेत्र की समस्याओं से निपटने और शांति रखने के लिए सैना अपना फैसला ले सकती है।
इस महिने शुरू हुआ था विद्रोह
गौरतलब है कि इस महिने के शुरूआत में राज्य के जिले में सेना द्वारा एक 14 नागरिकों की मौत कर दी गई थी। सेना के गलत अंदाजे के कारण 14 नागरिकों की मौत हो गई थी। राज्य की राजधानी कोहिमा सहित पूरे राज्य में विरोध मार्च निकाले गए।
रियो का ट्वीट
नागालैंड के मुख्यमंत्री ने लिखा, "माननीय @HMOIndia श्री @AmitShah की अध्यक्षता में नई दिल्ली में 23 दिसंबर, 2021 को हुई बैठक के संबंध में मीडिया को जानकारी दी। इस मामले को अत्यधिक गंभीरता से लेने के लिए अमित शाह जी का आभारी हूं। राज्य सरकार सभी से अपील करती है, कि सभी वर्ग शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखें।
बैठक में, जिसमें असम के मुख्यमंत्री और पूर्वोत्तर में भाजपा के प्रवक्ता हिमंत बिस्वा सरमा भी शामिल थे - यह भी निर्णय लिया गया कि समिति में केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी और राज्य पुलिस शामिल होंगे। समिति 45 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी और अफ्सपा को वापस लेना उसकी सिफारिशों के आधार पर होगा।