संवाददाता शिवकुमार शर्मा
बूंदी |
राधा और ममता लंबे समय से दिव्यांगता के कारण लाचारी में जी रही थी। पैर निशक्त होने से जमीन पर घिसटकर और रेंग कर चलना ही उनकी मजबूरी बन गई थी।
खटकड़ में शुक्रवार को आयोजित प्रशासन गांवों के संग शिविर इन दोनों महिलाओं के लिए वरदान बनकर आया इन्हें सहायता उपकरण के लिए चिन्हित कर व्हीलचेयर तथा ट्राइसाइकिल सौंपी गई ।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता के सहायक निदेशक जेपी चांवरिया ने बताया कि जावरा की झोपड़ियां निवासी राधा तथा खटकड़ निवासी ममता को ट्राइसाइकिल दी गई। इन पर बैठकर और इनके सहारे चल कर देखा तो उनके चेहरे पर आत्मविश्वास की चमक दौड़ गई। भावुक होते हुए इन महिलाओं ने कहा कि यह शिविर उनके लिए वरदान बन कर आया है नहीं तो शायद उनकी जिंदगी ऐसे ही घिसटते हुए बीत जाती। उन्होंने कहा कि अब वह खुद इनकेे सहारे एक से दूसरी जगह जा सकेगीं। अन्यथा उन्हें गोद में उठाकर या सहारे से कहीं ले जाया जाता था। उन्होंने सरकार को इस सुविधा के लिए बार-बार धन्यवाद दिया। बालक सोनू को भी ट्राइसाकिल दी गई जो इसे पाकर प्रसन्न हो गया।