जयपुर। कांग्रेस के एक औ बडे नेता सुनील जाखड ने आज कांग्रेस पार्टी का दामन छोड दिया। जाखड पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की आलोचना पर नेतृत्व द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने से नाराज हो गये। नोटिस के दो हफ्तों बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब इकाई के पूर्व प्रमुख सुनील जाखड़ ने आज पार्टी छोड़ दी।
जाखड ने एक यूट्यूब चैनल के माध्यम से कांग्रेस नेताओं की तीखी आलोचना की और पार्टी के लिए "अलविदा और शुभकामनाएँ कहा। जाखड ने कहा कि कांग्रेस के तथाकथित नेता जो चिंतन शिविर में बैठे हुए उनमें कोई भी सच्चाई को सामने नहीं आने देता है। कांग्रेस शीर्ष नेतृतत्व केवल चापलूसों की बात सुनता हैं। उन्होंने कहा कि यह चिंतन शिविर नहीं बल्कि चिंता का शिविर होना चाहिए की कांग्रेस पार्टी यूपी, उत्तराखंड, और पंजाब में क्यों हारी। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस नेतृत्व उदयपुर में बैठक कर रहा है और भाजपा को टक्कर देने के लिए अपना घर बनाने की बेताब कोशिश कर रहा है।
गौरतलब है कि पिछले महीने, कांग्रेस के अनुशासन पैनल ने सिफारिश की थी कि सुनील जाखड़ को दो साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया जाए और सभी पदों से हटा दिया जाए।
पांच सदस्यीय समिति की अध्यक्षता पार्टी के वरिष्ठ नेता एके एंटनी कर रहे हैं। बैठक में श्री जाखड़ के खिलाफ क्या कार्रवाई की जानी चाहिए, इस पर श्री एंटनी के अलावा सदस्य तारिक अनवर, जेपी अग्रवाल और जी परमेश्वर ने भाग लिया। जाखड़ के धुर विरोधी के रूप में दिखाई देने वाली अंबिका सोनी बैठक के दौरान मौजूद नहीं थीं।
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रमुख ने पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी की आलोचना की थी और पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) से हारने के बाद उन्हें पार्टी के लिए एक दायित्व करार दिया था।
जाखड़ ने चुनाव के लिए श्री चन्नी को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में चुनने के लिए पार्टी नेतृत्व की भी आलोचना की थी, और सुश्री सोनी पर अमरिंदर सिंह के निष्कासन के बाद मुख्यमंत्री के रूप में चुने जाने की संभावना को कम करने के लिए उन पर प्रहार किया था।