जयपुर। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को बीआरओ द्वारा बनाये गये 24 पुलों और तीन सड़कों को राष्ट्र के नाम समर्पित किया। अनावरण किए गए 24 पुलों में से नौ जम्मू-कश्मीर में, पांच-पांच लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में, तीन उत्तराखंड में और एक-एक सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में स्थित हैं। वहीं, तीन सड़कों में से दो लद्दाख में और एक पश्चिम बंगाल में है। प्रमुख सीमा परियोजनाओं में एक स्वदेशी 140-फीट डबल-लेन मॉड्यूलर पुल है, जो फ्लैग हिल-डोकला, सिक्किम में 11,000 फीट की ऊंचाई पर बनाया गया है, और चिसुमले-डेमचोक सड़क है जो लद्दाख में 19,000 फीट से अधिक उमलिंग ला से गुजरती है। इस सड़क ने दुनिया की सबसे ऊंची मोटर योग्य सड़क का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में उमलिंग ला में सड़क सशस्त्र बलों की तेज आवाजाही, पर्यटन को बढ़ावा देने और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने में सक्षम होगी।
रक्षामंत्री ने इस दौरान कहा कि देश ने हाल ही में उत्तरी क्षेत्र में प्रतिद्वंद्वी (चीन) का सामना धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ किया। यह उचित ढांचागत विकास के बिना संभव नहीं हो सकता था। रक्षामंत्री ने सीमा सड़क संगठन की प्रशंसा की।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज के अनिश्चित समय में सीमावर्ती क्षेत्रों में एक मजबूत बुनियादी ढांचा आवश्यक है क्योंकि यह रणनीतिक क्षमताओं को मजबूत करता है, सीमा के बुनियादी ढांचे के हिस्से के रूप में, भारत को निगरानी प्रणाली को भी मजबूत करना चाहिए।
राजनाथ सिंह ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों, राजमार्गों, सुरंगों और पुलों के निर्माण को एक मजबूत और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया। और कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों में लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करेगा और देश को अपनी सुरक्षा, संचार और व्यापार उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद करेगा।