डॉ बी एल बैरवा ने दिमाग़ से लगी दो किलो की गॉठ का आपरेशन किया
अलवर निवासी महिला के जब आपरेशन से प्रसव हुवा तो पता लगा की बच्ची के जन्मजात विक्रति के कारण दिमाग़ से जुड़ी हुई एक ओर गॉठ थी जिसका साईज़ सिर से भी दोगुना था , प्रसव के बाद बच्ची स्वास्थ्य एकदम ठीक था , घर वालों को एकदम अजीब सा लगा , गॉव मोहल्ले में चर्चा हुई की दो सिर वाला बच्चा पैदा हुआ, किसी ने बताया की यह कोई देवी पैदा हुई है , लेकिन घर वालों ने उन्हें अलवर में किसी डॉक्टर को दिखाया, उसने बताया की जन्मजात विकृति के कारण यह गॉठ बनी है, पर यह गॉठ दिमाग़ से जुड़ी हुई है, यदि बच्ची का आपरेशन हुआ तो बच्ची नहीं बचेगी , घर वाले परेशान हो गये , क्योंकि गॉठ की वजह से बच्ची को कपड़े पहनाने मे , सुलाने में कई परेशानी होती थी ।

बच्ची को सीधा नही सुला सकते , जयपुर कई डॉक्टरस सम्पर्क किया, सबने यही कहा की आपरेशन के बाद बच्ची की मौत हो सकती हैं, घर वाले बहुत परेशान हो गये , ऐसे में किसी जानकार ने उनको बताया की आप डॉ बी एल बैरवा न्यूरोसर्जन सवाई मानसिंह अस्पताल जयपुर से सम्पर्क करो , घरवालों ने बच्ची को डॉ बी एल बैरवा को दिखाया , डॉक्टर साहब ने बच्ची के आपरेशन की सलाह दी , सारी तैयारी के साथ आपरेशन का निर्णय हुआ, डॉ बी एल बैरवा ओर उनकी टीम ने 3 घंटे चले आपरेशन के बाद गॉठ को सिर से अलग करने में कामयाब रहे , बच्ची को दो दिन गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया, बच्ची अब पूरी तरह स्वस्थ है, दूध पी रही है। ओर बच्ची ने पहली बार सिर को सीधा करके सोई। घरवालों ने डॉ बी एल बैरवा टीम को बहुत बहुत धन्यवाद दिया।