ईपीएफओ की ब्याज दर में हुई कटौती, पिछले चार दशकों में सबसे निचले स्तर

जयपुर। श्रम मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ब्याज दर में कटौती कर दी गई है। यह ब्याज दर मौजूदा वर्ष 2020 21 के लिए 8.5 प्रतिशत से घटाकर 8.1 प्रतिशत कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार यह भविष्य निधि दर पिछले चार दशकों में निचले स्तर पर है।

पांच करोड़ ग्राहकों पर पड़ेगा असर
वर्तमान में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के करीब पांच करोड़ ग्राहक हैं, जो भविष्य निधी खाते स्थित राशि पर 8.5 प्रतिशत ब्याज का लाभ ले रहे थे। अब उन्हें 8.1 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से लाभ मिलेगा।

ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड की बैठक के दौरान ब्याज दर को कम करने का निर्णय लिया गया, जो गुवाहाटी में हुई थी। बोर्ड की सिफारिश जल्द ही वित्त मंत्रालय को भेजी जाएगी। बता दें कि 2020-21 में ब्याज दर 8.5 फीसदी थी।

बोर्ड की बैठक में लिये गये इस निर्णय पर वित्त मंत्रालय पुष्टि करके ईपीएफओ अपने क्षेत्रीय कार्यालयों को ग्राहकों के खातों में 2021-22 के लिए 8.1 प्रतिशत की नई दर पर गणना की गई ब्याज आय को क्रेडिट करने का निर्देश देगा।
बता दें इससे पहले मार्च 2020 में, EPFO ने भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर को 2018-19 के लिए 8.65 प्रतिशत रखी थी। इसके बाद 8.5 प्रतिशत तक कम कर दिया था। 2019-20 के लिए प्रदान की गई ईपीएफ ब्याज दर 2012-13 के बाद से सबसे कम थी, जब इसे घटाकर 8.5 प्रतिशत कर दिया गया था।