फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर ने सुप्रीम कोर्ट में लगायी याचिका, बोले जान से मारने की मिल रही धमकी

जयपुर। फैक्ट-चेकर मोहम्मद जुबैर धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाने के मामले में तिहाड जेल में बंद हैं। जुबैर ने आज सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है। जुबैर ने याचिका लगाते हुए उत्तर प्रदेश के सीतापुर में उनके खिलाफ मामले पर रोक लगाने की मांग की है। । अदालत कल उनकी याचिका पर सुनवाई कर सकती है।
बता दें कि फिलहाल जुबैर दिल्ली की तिहाड़ जेल में हैं और उनके खिलाफ कथित रूप से धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए कम से कम दो मामले दर्ज हैं - एक दिल्ली में चार साल पुराने एक ट्वीट पर जिसमें उन्होंने एक फिल्म से एक स्क्रीनशॉट साझा किया था और दूसरा सीतापुर में जहां उन्होने तीन हिंदू दक्षिणपंथी नेताओं को "नफरत करने वाला" कहा था।

इससे पहले जुबैर ने 10 जून को इलाहबाद कौर्ट में फआईआर रद्द करवाने की याचिका दायर की थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में में जुबैर ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी है।

ज़ुबैर के वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने दोपहर 2 बजे तत्काल लिस्टिंग के लिए तर्क दिया कि "उनके खिलाफ मौत की धमकी दी जा रही है … लोगों ने कहा है कि वे उन्हें मार डालेंगे। हम उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। कृपया अत्यावश्यकता देखें।" वकील के इस तर्क के बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा मंजूरी के अधीन न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी ने इसे कल सूचीबद्ध करने का आदेश दिया, "

श्री जुबैर की याचिका में कहा गया है कि प्राथमिकी का उद्देश्य उन्हें अपना काम करने के खिलाफ धमकाना और "सांप्रदायिक तत्वों के खिलाफ खड़े होने वालों में डर पैदा करना" है। याचिका में कहा गया है, "घृणा अपराध के मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस की एक नई रणनीति है। गलत करने वालों के खिलाफ पुलिस की निष्क्रियता का विरोध करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाती है।" "यह धर्मनिरपेक्ष व्यक्तियों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला घोंटने के इरादे से किया गया है।"