जयपुर। कृषि कानूनो के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए भारत के किसानों को आज पूरा एक साल हो गया है। इस उपलक्ष्य में भारतीय किसान संगठनों ने आज यानि 27 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया है। किसानों ने सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक भारत बंद अभियान का ऐलान किया है।
भारत बंद अभियान के तहत किसानों ने दिल्ली यूपी हाईवे को जाम कर दिया है। जिससे यातायात व्यवस्था ठप्प हो गई है। वहीं किसानों ने रेलवे ट्रैक को भी जाम कर दिया है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत बंद के दौरान दौरान सरकारी और निजी कार्यालयों, शैक्षणिक और अन्य संस्थानों, दुकानों, उद्योगों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने का आह्वान किया है संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि इस दौरान अस्पताल, मेडिकल स्टोर, राहत और बचाव कार्य और अन्य आपातकालीन सेवाओं को छूट दी जाएगी। बंद को स्वैच्छिक और शांतिपूर्ण तरीके से लागू किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा 40 से अधिक किसान संघों की एक छतरी संस्था इस विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई कर रही है। इस संघ ने कहा है कि 27 सितंबर, 2020 को राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने भारत बंद की सहमति दी है और इसे लागू किया। पिछले साल तीन किसान विरोधी काले कानून। देश भर में सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक कुल भारत बंद रहेगा।
राकेश टिकैत का बयान
रविवार को भारत बंद से पहले पानीपत में किसानों द्वारा आयोजित महापंचायत में राकेश टिकैत ने कहा कि कि पिछले 10 महीनों से केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान 10 साल तक आंदोलन करने को तैयार हैं, लेकिन काले कानूनों को लागू नहीं होने देंगे।