किसानों को मिले ईआरसीपी का पानी - इन्दल सिंह

-जल्दि होगी संघर्ष समिति की वैठक

हलैना, किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने कहा कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का पानी सर्वप्रथम किसानों को सिंचाई के लिए मिलना चाहिए।


किसान संघर्ष समिति के संयोजक किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने कहा कि किसान सिंचाई पानी की मांग को लेकर पूर्वीu राजस्थान के अनेकों जिलों में लंबे समय से इआरसीपी के लिए संघर्ष कर रहे हैं इस पानी पर पहला अधिकार किसानों का होना चाहिए । उन्होंने कहा कि चंबल में पर्याप्त पानी हैऔ वह सिंचाई के लिए मिलना चाहिए । किसान नेता इन्दल सिंह ने जारी वयान में कहा कि भाजपा को अगर इआरसीपी में संशोधन और काट छाट ही करना था तो इसे 5 वर्ष पीछे क्यों घसीटा अब तक तो इआरसीपी का पानी अनेक जिलों को मिल सकता था ' फिर विलंब क्यों किया.

उन्होंने कहा की पूर्वी राजस्थान के किसान चाहते हैं कि यह परियोजना 50% जल निर्भरता पर ही स्वीकृत होनी चाहिए तभी किसानों को इसका लाभ मिल सकता है | किसान नेता ने कहा कि 75% जल निर्भरता  पर तो केवल पीने के पानी का ही प्रबंध होगा बाकी सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल सकेगा । उन्होंने कहा कि भरतपुर ' दौसा ' डीग ' अलवर करौली ' टौक ' जयपुर आदी जिलो में खेती बगैर पानी के चौपट हो चुकी है और गहरे पाताल तोड़ भी सूख चुके हैं जमीनी जल स्तर लगातार अति गहरा होता जा रहा है '  किसान पाताल तोड़ खुद बातें खुद बातें कर्जदार हो चुका हैअगर किसानों को इआरसीपी के द्वारा पानी नहीं मिलता है तो यह क्षेत्र रेगिस्तान बन जाएगा और भविष्य में कहीं से भी पानी मिलने की कोई उम्मीद नहीं है । उन्होंने कहा कि सरकार को किसान हितो और सिंचाई पानी का जरूर इंतजाम करना चाहिये । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसान है और वह भरतपुर के रहने वाले हैं वह स्वयं पानी की समस्या से भली-भांति अवगत हैं उन्हें पानी की समस्या को देखते हुए किसान हित में इआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संशोधित डीपीआर की वजह से किसानों की चिंता बढ़ गई है इसलिए पूर्वी राजस्थान के संघर्षील  किसान नेताओं की जल्द ही एक बैठक होगी जिसमें सभी विषयों पर चर्चा करते हुए परिस्थितियों के हिसाब से संघर्ष समिति अपना निर्णय लेगी ।