कोटा: यहां की एक पॉक्सो अदालत ने तीन साल पहले नाबालिग लड़की से बलात्कार के मामले में 24 वर्षीय एक व्यक्ति और उसके पिता को सोमवार को 20 साल कैद की सजा सुनाई।
लोक अभियोजक ललित शर्मा ने कहा कि न्यायाधीश दीपक दुबे ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम की धाराओं के तहत अपहरण और बलात्कार का दोषी ठहराया और उस पर 30,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
शर्मा ने कहा कि अदालत ने 56 साल के पिता को अपने बेटे को सुरक्षा और मदद देने का दोषी ठहराया और उस पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया। अभियोजक ने कहा कि न्यायाधीश ने एक पुरुष चिकित्सक मोहम्मद परवेज खान द्वारा नाबालिग की चिकित्सा जांच को भी गंभीरता से लिया और राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक को उसके खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया।
दोषी ने 13 जनवरी 2019 को कोटा के बुढाडीत थाना क्षेत्र में अपने नाबालिग चचेरे भाई को उसके घर से अगवा कर लिया था। शर्मा ने कहा कि वह लड़की को चित्तौड़ जिले में अपने पिता के घर ले गया जहां उसने उसे अपनी पत्नी के रूप में रखा और कई बार उसके साथ बलात्कार किया, जबकि उसके पिता ने उसकी मदद की और उसकी रक्षा की।
उन्होंने कहा कि उसके अपहरण के बाद, नाबालिग के पिता ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई और आईपीसी की धारा 363 के तहत मामला दर्ज किया गया।