Amalaki Ekadashi 2023 : आमलकी एकादशी के दिन करें आंवला का ये खास उपाय, बनी रहेगी विष्णु जी की कृपा
शुक्रवार, 3 मार्च को आमलकी एकादशी व्रत है। शास्त्रों में आमलकी एकादशी का विशेष महत्व है. काशी में इसे रंगभरी एकादशी भी कहते हैं। आमलकी एकादशी व्रत में आंवले के पेड़ की पूजा का विधान है। भगवान विष्णु को आंवले का पेड़ बहुत प्रिय था।
कहा जाता है कि आंवले के पौधे का स्मरण करने मात्र से गाय के दान के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। साथ ही इसके स्पर्श से सारे कार्य दुगुने हो जाते हैं और इसके फल को खाने से तीन गुना अधिक उत्तम फल प्राप्त होता है। आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं कि आमलकी एकादशी के दिन किए गए कार्यों को करने से असाधारण फल प्राप्त होते हैं।
ये उपाय आमलकी एकादशी के दिन करें
अगर आप बच्चों को खुश करना चाहते हैं तो आमलकी एकादशी के दिन आप 11 बच्चों को आंवले की कैंडी या आंवले का मुरब्बा खिलाएं। साथ ही आंवला कैंडी या मुरब्बे का एक पैकेट या डिब्बा मंदिर में भी दान करना चाहिए।
अगर आप जिंदगी में नए आयाम स्थापित करना चाहते हैं तो एकादशी के दिन
आपको 21 ताजा पीले फूल लेकर उनकी माला बनानी चाहिए और श्री हरि को अर्पित
करनी चाहिए। साथ ही भगवान को खोए की मिठाई का भोग लगाना चाहिए।
यदि आप वर या वधू प्राप्त करना चाहते हैं तो आमलकी एकादशी के दिन विधि विधान से भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए और उन्हें आंवला फल का भोग लगाना चाहिए।
यदि आप जीवन में धनवान बनना चाहते हैं तो आमलकी एकादशी के दिन स्नान आदि करने के बाद विधि-विधान से भगवान श्री विष्णु की पूजा करनी चाहिए और पूजा शुरू होने पर भगवान को चढ़ाएं। एकाक्षी नारियल को एक पीले रंग के कपड़े में बांधकर, संभालकर अपने पास रख लें।
यदि कार्यस्थल पर आपके विरुद्ध स्थिति बनती है तो एकादशी के दिन आपको आंवले के पेड़ में जल चढ़ाना चाहिए और आंवले की जड़ की थोड़ी-सी मिट्टी लेकर माथे पर तिलक लगाना चाहिए।