जयपुर। अदालत जो कि सबसे सुरक्षित और पवित्र होनी चाहिए वही आज खून के रंग में रंग दी गई। दरअसल एक गैंगस्टर जिसे कोर्ट में पेशी पर लाया गया था, को वकील के भेष में आये अन्य दो गैंगस्टर्स ने गोली मार दी। अदालत में सुनवाई के दौरान गैंगस्टर जितेंद्र गोगी को तीन बार गोली मारी। गैंगस्टर को एस्कॉर्ट कर रहे स्पेशल फोर्स के जवानों ने फिर फायरिंग की, जिसमें दोनों हमलावर मौके पर ही मारे गए। कुल 30 राउंड फायरिंग की गई। दिल्ली में एक अदालत कक्ष के अंदर हुई इस गोलीबारी में कई लोग घायल हो गए है।
सुरक्षा पर उठे सवाल
कोर्ट में इस गोलाबारी के बाद सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना ने सवाल उठाया है कि अदालत के अंदर हथियारबंद लोग कैसे गये। मेटल डिटेक्टर से हथियारों की पकड़ कैसे नहीं हुई। एक वीडियो में कोर्ट में गोलियों की आवाज सुनाई दे रही है और उत्तरी दिल्ली के रोहिणी की बिल्डिंग में पुलिसकर्मी और वकील हाथापाई करते नजर आ रहे हैं.
पुलिस ने बताया कि कई आपराधिक मामलों में शामिल कुख्यात गैंगस्टर और पिछले साल तिहाड़ में जेल में बंद जितेंद्र गोगी को अदालत में पेशी पर लाया गया था जिस पर बंदूकधारियों ने तीन गोली दागी, बाद में गोगी को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया था। पुलिस ने कहा कि एक प्रतिद्वंद्वी गिरोह, जिसका नाम "टिल्लू गैंग" है, ने उसे मारने की साजिश रची थी। दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना बताया कि जब पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और उन दो हमलावरों को मार गिराया।